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सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार।
संदर्भ: हाल ही में, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने भारत द्वारा आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा की। उनकी यह यात्रा उभरती प्रौद्योगिकियों और वैश्विक डिजिटल शासन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।
अन्य संबंधित जानकारी

• इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रॉ के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया। यह रक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को प्रदर्शित करता है।
• यह अपग्रेड ‘होराइजन 2047’ रोडमैप पर आधारित है और इसे बहुध्रुवीयता, रणनीतिक स्वायत्तता तथा नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में निहित एक स्थिर साझेदारी के रूप में वर्णित किया गया है।
• यह यात्रा एक बहुध्रुवीय पश्चिम के साथ जुड़ने और यूरोप के साथ घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से उसकी रणनीतिक उपस्थिति का विस्तार करने की भारत की व्यापक रणनीति को भी परिलक्षित करती है।
यात्रा के परिणाम
• रणनीतिक और संस्थागत निहितार्थ: द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रूप से एक ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया।
- होराइजन 2047 रोडमैप की निगरानी हेतु एक वार्षिक विदेश मंत्री संवाद की शुरुआत।
- महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों पर एक संयुक्त उन्नत प्रौद्योगिकी विकास समूह का गठन।
- भारतीय और फ्रांसीसी थल सेनाओं में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती।
• रक्षा और एयरो स्पेस सहयोग: रक्षा सहयोग समझौते का नवीनीकरण और संयुक्त उत्पादन पहलों का विस्तार।
- भारत में ‘हैमर’ (HAMMER) सटीक-निर्देशित मिसाइलों के निर्माण हेतु BEL-सैफ़रान संयुक्त उद्यम प्रस्तावित।
- अधिक स्थानीयकरण पर बल, जिसमें रक्षा विनिर्माण में उच्च स्वदेशी सामग्री और एमआरओ (MRO) इकोसिस्टम का विस्तार शामिल है।
- कर्नाटक में टाटा-एयरबस H125 हेलीकॉप्टर की ‘फाइनल असेंबली लाइन’ का उद्घाटन; जिसकी पहली ‘मेड-इन-इंडिया’ आपूर्ति 2027 तक होने की संभावना है और इसमें दक्षिण एशिया को निर्यात की क्षमता भी है।
- सैफ़रान -हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स इकोसिस्टम के माध्यम से हेलीकॉप्टर इंजन विकास में निरंतर सहयोग।
• प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्टार्टअप: ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ का शुभारंभ और दोनों देशों के इकोसिस्टम को जोड़ने वाले एक ‘नवाचार नेटवर्क’ की स्थापना।
- T-हब और फ्रांसीसी भागीदारों के बीच स्टार्टअप सहयोग को बढ़ाने हेतु ‘आशय पत्र’ पर हस्ताक्षर।
- एआई गवर्नेंस और उन्नत सामग्री जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग।
• विज्ञान, अनुसंधान और शिक्षा: कई संयुक्त अनुसंधान मंच स्थापित किए गए, जिनमें इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर एआई इन हेल्थ (AIIMS दिल्ली), इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी, और इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज शामिल हैं।
- संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य पर जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और फ्रांसीसी अनुसंधान एजेंसियों के बीच सहयोग।
- नए समझौता ज्ञापनों पत्रों के माध्यम से वैज्ञानिक सहयोग का विस्तार।
• कौशल विकास और औद्योगिक क्षमता निर्माण: वैमानिकी में कौशल विकास हेतु एक ‘राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना।
- एयरोस्पेस विनिर्माण पहलों से रोज़गार, कार्यबल कौशल और घरेलू औद्योगिक क्षमताओं को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है।
• आर्थिक और नियामक सहयोग: ‘दोहरा कराधान परिहार समझौता’ (DTAA) प्रोटोकॉल में संशोधन
- दोनों सरकारों के बीच नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए सिरे से सहयोग।
- महत्वपूर्ण खनिजों और धातुओं की आपूर्ति श्रृंखला पर समझौता, जो आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।
• अंतरिक्ष, जलवायु और व्यापक सहयोग: ‘तृष्णा’ जलवायु उपग्रह (ISRO–CNES) जैसे अंतरिक्ष मिशनों में निरंतर सहयोग।
- संग्रहालयों, कृषि कृषि ट्रेसबिलिटी और सांस्कृतिक परियोजनाओं में संयुक्त पहल।
भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंध
| ऐतिहासिक संबंध: | · वर्ष 1947 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के तुरंत बाद राजनयिक संबंध स्थापित हुए।· 26 जनवरी 1998 को रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत हुई; यह किसी पश्चिमी देश के साथ भारत की पहली और यूरोपीय संघ (EU) के बाहर फ्रांस की पहली ऐसी साझेदारी थी। |
| राजनीतिक संबंध: | · वर्ष 2023 में रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई, जिसके साथ ही ‘होराइजन 2047’ रोडमैप को अपनाया गया।· पारस्परिक सम्मान:o वर्ष 2023 के ‘बैस्टिल डे’ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को गेस्ट ऑफ ऑनर।o वर्ष 2024 के गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति मैक्रॉ मुख्य अतिथि थे। o बहुपक्षीय शिखर सम्मेलनों (जैसे G7 और G20) के माध्यम से निरंतर सहयोग।o भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) में फ्रांस एक प्रमुख भागीदार है। |
| रक्षा संबंध: | · उभरते ‘आत्मनिर्भर भारत’ घटक के साथ यह भारत की सबसे मजबूत रक्षा साझेदारियों में से एक है।· यह साझेदारी ‘वार्षिक रक्षा संवाद’ और ‘रक्षा सहयोग हेतु उच्च समिति’ जैसे संस्थागत तंत्रों द्वारा निर्देशित है।· प्रमुख रक्षा परियोजनाओं में राफेल लड़ाकू विमानों का अधिग्रहण और अन्य उच्च-स्तरीय प्लेटफार्म शामिल हैं।· भारतीय नौसेना के लिए 2025 में हस्ताक्षरित राफेल-M सौदे में महत्वपूर्ण ‘प्रौद्योगिकी हस्तांतरण’ (ToT) के प्रावधान शामिल हैं।· प्रोजेक्ट P-75 के तहत स्कॉर्पीन पनडुब्बी कार्यक्रम वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।· नियमित द्विपक्षीय अभ्यासों में शक्ति (थल सेना), वरुण (नौसेना), और गरुड़ (वायु सेना) शामिल हैं।· तरंग शक्ति, मिलन (MILAN), और ला पेरोस (La Perouse) जैसे बहुपक्षीय युद्धाभ्यासों में भागीदारी।· नवाचार सहयोग को ‘FRIND-X’ (2024, पेरिस) जैसी पहलों के माध्यम से समर्थन दिया जा रहा है, जो AI, ड्रोन, अंतरिक्ष और क्वांटम प्रौद्योगिकियों के रक्षा स्टार्टअप्स को जोड़ता है। |
| आर्थिक संबंध: | · यूरोपीय संघ (EU) के भीतर, नीदरलैंड और जर्मनी के बाद फ्रांस भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।· एक दशक में द्विपक्षीय व्यापार दोगुने से अधिक होकर 2024-25 में €12.67 बिलियन तक पहुँच गया है, जिसमें फ्रांस को होने वाला भारतीय निर्यात €6.6 बिलियन रहा।· भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (जनवरी 2026) के बाद व्यापार में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।· भारत में विदेशी निवेशकों की सूची में फ्रांस 11वें स्थान पर है; अप्रैल 2000 से मार्च 2025 के बीच कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) लगभग €9.79 बिलियन रहा, जो कुल अंतर्वाह का 1.61% है।· प्रमुख निवेश क्षेत्रों में सेवाएँ, सीमेंट और जिप्सम उत्पाद, वायु परिवहन, विविध उद्योग तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस शामिल हैं।· डिजिटल आर्थिक संबंधों में निरंतर प्रगति हो रही है, जिसमें फ्रांस में UPI का कार्यान्वयन (deployment) और भारतीय तकनीकी फर्मों द्वारा नवाचार केंद्रों की स्थापना शामिल है। |
| ऊर्जा संबंध: | · भारत और फ्रांस कई क्षेत्रों में असैन्य परमाणु ऊर्जा में गहन सहयोग साझा करते हैं।· इसमें महाराष्ट्र में स्थित प्रमुख जैतपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना शामिल है।· दोनों देश स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (SMRs) और एडवांस्ड मॉड्यूलर रिएक्टर्स (AMRs) पर भी सहयोग कर रहे हैं।· प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण साझेदारियों के माध्यम से परमाणु सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।· वे ITER जैसी संलयन ऊर्जा पहलों में भी सहयोग करते हैं और परमाणु उद्योग प्रदर्शनियों में भाग लेते हैं।· नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में, भारत और फ्रांस अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA – 2015) के संस्थापक भागीदार हैं।· दोनों देशों ने ग्रीन हाइड्रोजन (2022) पर एक संयुक्त रोडमैप अपनाया है। |
| प्रवासी संबंध: | · फ्रांस मुख्य भूमि में भारतीय प्रवासियों की संख्या लगभग 1.19 लाख होने का अनुमान है।· 3.5 लाख से अधिक लोगों की एक बड़ी आबादी फ्रांसीसी अपतटीय क्षेत्रों में रहती है।· वर्ष 2024 में, ग्वाडेलोप और मार्टिनिक में रहने वाले प्रवासियों के लिए ‘ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया’ (OCI) पात्रता का विस्तार किया गया, जिससे प्रवासी संबंध प्रगाढ़ हुए। |
