संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
संदर्भ: हाल ही में, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ‘उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान’ (AMCA) के प्रोटोटाइप के डिजाइन और निर्माण हेतु तीन औद्योगिक दावेदारों को सूचीबद्ध किया है।
अन्य संबंधित जानकारी
- चयनित बोलीदाताओं में एकल आवेदक के रूप में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL), लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का एक कंसोर्टियम तथा भारत फोर्ज, बीईएमएल (BEML) लिमिटेड और डेटा पैटर्न्स का एक अन्य कंसोर्टियम शामिल है।
- अपेक्षा है कि इसके माध्यम से 125 से अधिक लड़ाकू जेट विमानों का उत्पादन किया जाएगा, जो 2035 तक वायुसेना में शामिल होने के लिए तैयार हो सकते हैं।
- इसके साथ ही भारत उन देशों की एक छोटी सूची में शामिल हो जाएगा जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं, जैसे कि अमेरिका (F-22 और F-35), चीन (J-20), और रूस (Su-57)।
- सूचीबद्ध बोलीदाताओं को विनिर्माण अधिकार दिए जाने से पहले, ऐसा अनुमान है कि AMCA के मॉडल बनाने के लिए उन्हें सरकार से वित्त पोषण सहायता मिल सकती है।
- रक्षा मंत्रालय के तहत वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA), AMCA परियोजना का नेतृत्व करेगी।
उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) के बारे में
- उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA), पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ (अदृश्य) बहुउद्देशीय लड़ाकू जेट विकसित करने का भारत का महत्वाकांक्षी स्वदेशी कार्यक्रम है।
- यह एक पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान (FGFA) है जो उन्नत स्टील्थ, सुपरक्रूज (बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक गति प्राप्त करना), अति-पैंतरेबाजी, डेटा फ्यूजन और मल्टी-सेंसर एकीकरण से लैस है।
- AMCA का विकास ‘हल्के लड़ाकू विमान’ (LCA) तेजस को विकसित करने में प्राप्त विशेषज्ञता से किया जाएगा।
- LCA तेजस एक 4.5-पीढ़ी का एकल-इंजन बहु-भूमिका वाला विमान है।
AMCA की प्रमुख विशेषताएं:
- स्टील्थ (अदृश्यता): 25-टन वाले इस जुड़वां इंजन के विमान में दुश्मन के रडार द्वारा पकड़े जाने से बचने के लिए उन्नत स्टील्थ (अदृश्य होने की) विशेषताएं होंगी।
- ईंधन और हथियार: विमान में 6.5-टन क्षमता का एक बड़ा, गुप्त आंतरिक ईंधन टैंक और हथियारों की एक श्रृंखला को ले जाने के लिए एक आंतरिक हथियार कक्ष होगा।
- इंजन: AMCA Mk1 संस्करण में 90kN का अमेरिका-निर्मित GE414 इंजन होगा।
- AMCA Mk2 अधिक उन्नत होगा और 110kN के अधिक शक्तिशाली इंजन द्वारा इसे शक्ति प्राप्त होगी, जिसे गैस टर्बाइन अनुसंधान प्रतिष्ठान (GTRE) द्वारा फ्रांसीसी रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सैफरान के सहयोग से स्वदेशी रूप से विकसित किया जाएगा।
भारत में FGFA से संबंधित हालिया घटनाक्रम
- GE इंजन: शुरुआती MK1 स्क्वाड्रनों को अमेरिकी GE-F414 इंजन द्वारा शक्ति प्रदान की जाएगी। भारत में सह-उत्पादन के लिए 80% प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) के लिए बातचीत को अंतिम रूप दिया गया।
- F414, F404 का एक अधिक शक्तिशाली और बड़ा व्युत्पन्न है, जो काफी उच्च प्रणोद (F404 के 84 kN की तुलना में F414 के लिए 98 kN) प्रदान करता है। यह इंजन LCA Mk-2 कार्यक्रम और AMCA प्रोटोटाइप के लिए निर्धारित है।
- सैफरान साझेदारी: उन्नत AMCA MK2 संस्करण के लिए एक नए, अधिक शक्तिशाली 110-120 kN थ्रस्ट इंजन को सह-विकसित करने हेतु फ्रांस की कंपनी सैफरान के साथ एक महत्वपूर्ण सौदे की पुष्टि की गई थी।
भारत के लिए AMCA का महत्व
- रणनीतिक महत्व: उभरती “चीन-पाकिस्तान लड़ाकू धुरी” से निपटने के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। चीन पहले ही J-20 का परिनियोजन कर चुका है, और पाकिस्तान भी चीन से J-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीद सकता है।
- आत्मनिर्भर भारत: यह परियोजना महंगे विदेशी आयात पर दीर्घकालिक निर्भरता को कम करती है और भारत को अपने स्वयं के तकनीकी अपग्रेडेशन और रखरखाव को नियंत्रित करने की अनुमति देती है।
- निजी क्षेत्र का एकीकरण: पहली बार किसी बड़े लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में, भारत ने एक सहयोगी निष्पादन मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए कार्यक्रम खोल दिया है।
- क्षमता अंतराल को भरना: यह भारतीय वायुसेना को उसकी स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन शक्ति के करीब ले जाने और परिचालन स्क्वाड्रनों में मौजूदा कमी को दूर करने में मदद करेगा।
