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सामान्य अध्ययन-3 आपदा और आपदा प्रबंधन।

संदर्भ: हाल ही में, 16वें वित्त आयोग ने सिफारिश की है कि हीटवेव और आकाशीय बिजली को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत भारत की राष्ट्रीय स्तर पर अधिसूचित आपदाओं की सूची में शामिल किया जाए।

अन्य संबंधितजानकारी

  • इस कदम से राज्य अपने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) का पूर्ण उपयोग हीटवेव और आकाशीय बिजली से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करने के लिए कर सकेंगे।
  • आपदा प्रबंधन अधिनियम (DMA) 2005 की धारा 48 (1)(a) के तहत गठित SDRF, अधिसूचित आपदाओं (चक्रवात, बाढ़, भूकंप आदि) के दौरान तत्काल राहत के लिए राज्य सरकारों के पास उपलब्ध प्राथमिक कोष है।
  • SDRF के अतिरिक्त, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसरण में विशेष रूप से शमन (न्यूनीकरण) परियोजनाओं के लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) भी स्थापित किया गया है।
  • यह सिफारिश राज्य सरकारों की लंबे समय से लंबित मांग के बाद की गई है, क्योंकि हीटवेव और आकाशीय बिजली दोनों ही बार-बार होने वाली घटनाएं बन गई हैं जिनका प्रभाव बड़े क्षेत्र पर पड़ता है।
  • इससे पूर्व, 15वें वित्त आयोग ने भी इस विषय पर विचार किया था, लेकिन यह कहते हुए इस सिफारिश को अस्वीकार कर दिया गया था कि अधिसूचित आपदाओं की वर्तमान सूची काफी हद तक राज्यों की आवश्यकताओं को पूरा करती है।

अधिसूचित आपदाएं और SDRF का उपयोग

  • वर्तमान में, केंद्र सरकार द्वारा 12 आपदाओं को अधिसूचित किया गया है। इनमें शामिल हैं – चक्रवात, सूखा, भूकंप, आग, बाढ़, सुनामी, ओलावृष्टि, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना, कीट हमला, तथा पाला और शीत लहर।
  • इन अधिसूचित आपदाओं के लिए, राज्यों को SDRF में उपलब्ध राशि का उपयोग करने की स्वतंत्रता है।
  • इसके अतिरिक्त, वे कोष की राशि के 10% तक का उपयोग अन्य ‘राज्य-विशिष्ट’ आपदाओं (यदि उनके द्वारा अधिसूचित हो) के लिए कर सकते हैं।
  • वर्तमान में, 11 राज्यों ने हीटवेव को और 16 राज्यों ने ‘आकाशीय बिजली’ को “राज्य-विशिष्ट आपदा” के रूप में अधिसूचित किया है।

अधिसूचित आपदाओं की सूची में समावेशन की आवश्यकता

  • हीटवेव:
    • हीटवेव हवा का वह चरम तापमान है जो मनुष्यों के लिए हानिकारक होता है, इसे थ्रेशहोल्ड, हीट इंडेक्स या तापमान विचलन द्वारा परिभाषित किया जाता है।
    • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, हीटवेव तब घोषित की जाती है जब सामान्य से निर्दिष्ट विचलन या पूर्ण तापमान थ्रेशोल्ड के साथ अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों में ≥40 °C या पहाड़ी क्षेत्रों में ≥30 °C तक पहुँच जाता है।
    • यदि उपरोक्त मानदंड लगातार दो दिनों तक मौसम संबंधी उप-मंडल के कम से कम दो स्टेशनों में पूरे होते हैं, तो दूसरे दिन औपचारिक रूप से हीटवेव की घोषणा कर दी जाती है।
    • 2018 और 2022 के बीच, भारत में हीटवेव या लू के कारण 3,798 मौतें हुईं (NCRB और केंद्रीय गृह मंत्रालय के आँकड़े)।
  • आकाशीय बिजली:
    • आकाशीय बिजली बादलों के बीच या बादल और जमीन के बीच एक उच्च-वोल्टेज वायुमंडलीय डिस्चार्ज है, जो हवा को 50,000°F तक गर्म कर देती है, जिससे इसका तीव्र विस्तार और गर्जना होती है।
    • आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है, 2020-21 में 34% की वृद्धि के साथ कुल 1.85 करोड़ घटनाएं दर्ज की गईं।

16वें वित्त आयोग की सिफारिश

  • अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग ने अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली अवधि के लिए कर-साझाकरण सूत्र और आपदा प्रबंधन अनुदान की सिफारिश की।
  • 2026-27 से 2030-31 तक की पाँच वर्ष की अवधि के लिए राज्यों को SDRF और SDMF हेतु कुल 2.04 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • आवंटन को 80 प्रतिशत SDRF और 20 प्रतिशत SDMF में विभाजित किया जाएगा।
  • 16वें वित्त आयोग ने SDRF और SDMF दोनों के वित्तपोषण के लिए 75:25 के फॉर्मूले (उत्तर-पूर्व/पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10) को बरकरार रखा है।

वित्त आयोग के बारे में

  • भारत के संविधान का अनुच्छेद 280 एक संवैधानिक निकाय के रूप में वित्त आयोग का प्रावधान करता है।
  • इसका गठन भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक पाँचवें वर्ष या उससे पहले किसी भी ऐसे समय पर किया जाता है जिसे वह आवश्यक समझे।
    • प्रथम वित्त आयोग का गठन 6 अप्रैल 1952 को श्री के.सी. नियोगी की अध्यक्षता में राष्ट्रपति के आदेश पर किया गया था।
  • इसमें एक अध्यक्ष और चार अन्य सदस्य होते हैं जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती हैं।
    • आयोग के अध्यक्ष का चयन उन व्यक्तियों में से किया जाएगा जिन्हें सार्वजनिक मामलों का अनुभव हो।
    • अन्य चार सदस्यों का चयन उन व्यक्तियों में से किया जाएगा जिन्हें उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवा का `अनुभव हो, लोक वित्त का ज्ञान हो, व्यापक वित्तीय या प्रशासनिक अनुभव हो, या उनकी अर्थशास्त्र में विशेषज्ञता हो।
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