अन्य संबंधित जानकारी

  • इन केंद्रों के लिए अब तक कुल ₹27.18 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। इनकी सहायता से नवाचार, अनुसंधान, तकनीकी विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल रहा है।
  • इसके अंतर्गत सैकड़ों स्टार्टअप्स को इंक्यूबेशन सहायता प्रदान की जा रही है और हजारों युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है, नए रोजगार के अवसरों का सृजन हो रहा है तथा स्वदेशी तकनीक के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • ‘स्टार्ट इन यूपी’ (Start in UP) पहल के अंतर्गत ये केंद्र भविष्योन्मुखी क्षेत्रों जैसे-  ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, 5G/6G टेलीकॉम, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ड्रोन तकनीक पर कार्य कर रहे हैं।
  • स्टार्टअप नीति के अंतर्गत, प्रत्येक केंद्र को स्थापना की तिथि से पांच वर्ष की अवधि के लिए पूंजीगत और परिचालन व्यय (सहायता अनुदान) के रूप में अधिकतम ₹10 करोड़ मिलेंगे ताकि इन केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और दीर्घकाल में राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जा सके।
  • लखनऊ में स्थित ‘मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स’ (MedTech) उत्कृष्टता केंद्र को STPI लखनऊ, SGPGI और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहयोग से विकसित किया गया है।
  • 5G/6G टेलीकॉम उत्कृष्टता केंद्र, जिसका संचालन IIT कानपुर द्वारा किया जा रहा है, अगली पीढ़ी की दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और स्टार्टअप विकास को बढ़ावा दे रहा है। इसके अतिरिक्त, गौतम बुद्ध नगर में ‘एआई और नवाचार आधारित उद्यमिता’ (AIIDE) उत्कृष्टता केंद्र, IIT कानपुर और फिक्की (FICCI) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
  • सहारनपुर में स्थित ‘5G/6G सर्वव्यापी वायरलेस संचार’ उत्कृष्टता केंद्र, IIT रुड़की द्वारा संचालित किया जा रहा है और यह भारत के 6G विजन के अनुरूप कार्य कर रहा है। IIT कानपुर का ‘UAV डिजाइन, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण’ उत्कृष्टता केंद्र ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, परीक्षण, डिजाइन सत्यापन और परामर्श प्रदान कर रहा है।
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