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सामान्य अध्ययन-2:कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, गठन और कार्यप्रणाली- सरकार के मंत्रालय और विभाग|
संदर्भ: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ‘डॉ. त्रिम्बक बनाम पद्मश्री डॉ. शरद एम हार्दिकर एवं अन्य’ मामले में इस बात को दोहराया कि पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत रत्न जैसे नागरिक सम्मानों को पुरस्कार विजेताओं के नाम के पहले या बाद में नहीं लगाया जा सकता। कोर्ट ने मामले के शीर्षक में एक पक्ष को इसी तरह वर्णित किए जाने के तरीके पर सख्त आपत्ति जताई।
निर्णय के मुख्य बिंदु
• कानूनी रूप से अस्वीकार्य: उच्च न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के बालाजी राघवन/एस.पी. आनंद बनाम भारत संघ, 1995 के फैसले का हवाला देते हुए, जिसमें यह निर्धारित किया गया था कि:

- राष्ट्रीय पुरस्कार संविधान के अनुच्छेद 18(1) के अर्थ के अंतर्गत ‘उपाधियाँ’ (Titles) नहीं हैं और उनका उपयोग नाम से पहले या बाद में नहीं किया जाना चाहिए।
- यदि ऐसा किया जाता है, तो इन चार राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए जारी प्रत्येक अधिसूचना के नियमन 10 (Regulation 10) में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए, उल्लंघन करने वाले व्यक्ति से उसे प्रदान किया गया राष्ट्रीय पुरस्कार वापस ले लिया जाना चाहिए।
• सख्त अनुपालन: उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि –
- कार्यवाही के संचालन में पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित कानून का अनुपालन करें।
- न्यायालयों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत इसका पालन किया जाए।
राष्ट्रीय पुरस्कारों के बारे में
राष्ट्रीय पुरस्कार नागरिक सम्मान हैं जो भारत के राष्ट्रपति द्वारा सार्वजनिक सेवा, कला, विज्ञान, साहित्य, खेल, चिकित्सा और सामाजिक कार्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा या उपलब्धि को मान्यता देने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
• भारत रत्न:
- भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसकी शुरुआत 1954 में की गई थी। यह किसी भी क्षेत्र में ‘उच्चतम स्तर की असाधारण सेवा या प्रदर्शन’ के लिए दिया जाता है।
- इस पुरस्कार के लिए सिफारिशें प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को भेजी जाती हैं, और इसके लिए कोई औपचारिक नामांकन प्रक्रिया नहीं होती है। प्रधानमंत्री किसी से भी से परामर्श कर सकते हैं, जबकि गृह मंत्रालय नोडल मंत्रालय के रूप में कार्य करता है।
- इस पुरस्कार के साथ कोई मौद्रिक अनुदान (नकद राशि) नहीं दी जाती है; प्राप्तकर्ताओं को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक सनद (प्रशस्ति पत्र) और एक पदक दिया जाता है।
• पद्म पुरस्कार
- पद्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में की गई थी। 1978 और 1979 तथा 1993 से 1997 की अवधि को छोड़कर इनकी घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है।
- यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है, जो इस प्रकार हैं:
असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए पद्म विभूषण
उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए पद्म भूषण और
विशिष्ट सेवा के लिए पद्म विभूषण
Sources:
Padma Awards
