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सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार; भारत के हितों पर विकसित और विकासशील देशों की नीतियों और राजनीति का प्रभाव।
संदर्भ: हाल ही में, भारत के विदेश मंत्री ने जापान के विदेश मंत्री के साथ नई दिल्ली में 18वें भारत-जापान रणनीतिक संवाद की सह-अध्यक्षता की।
अन्य संबंधित जानकारी
- इस संवाद में महत्वपूर्ण समझौतों और पहलों के साथ ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ पर ध्यान केन्द्रित किया गया।
- दोनों मंत्रियों के बीच जापान की ‘मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत’ (Free and Open Indo Pacific – FOIP) पहल को आगे बढ़ाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर तकनीक और नवाचार पर सहयोग करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
18वें रणनीतिक संवाद के मुख्य बिंदु
- बैठक में चर्चा में मुख्य विषय:
- द्विपक्षीय संबंध
- दोनों मंत्रियों ने लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती प्रदान करके आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने और 2026 की पहली तिमाही में ‘आर्थिक सुरक्षा पर जापान-भारत निजी क्षेत्र संवाद’ (BtoB) की शुरूआत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिजों, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और औषधि पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा; इसके पश्चात यथाशीघ्र ‘आर्थिक सुरक्षा पर द्वितीय जापान-भारत संवाद’ आयोजित किया जाएगा।
- उन्होंने ‘खनिज संसाधनों पर जापान-भारत सहयोग ज्ञापन’ के तहत ‘खनिज संसाधनों पर संयुक्त कार्य समूह’ की बैठक आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की।
- द्विपक्षीय संबंध
- ‘जापान-भारत एआई सहयोग पहल (JAI)’ के अंतर्गत, दोनों मंत्रियों ने सुदृढ़ एआई सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘जापान-भारत एआई रणनीतिक संवाद’ स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।
- जापान ने फरवरी में भारत द्वारा आयोजित होने वाले ‘एआई इम्पैक्ट समिट‘ के लिए अपना समर्थन दिया और उसकी संयुक्त अनुसंधान के लिए 2030 तक 500 उच्च कुशल भारतीय एआई पेशेवरों को आमंत्रित करने की योजना है।
- क्षेत्रीय परिस्तिथियाँ और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सहयोग
- दोनों मंत्रियों ने क्वाड सहयोग (जापान-ऑस्ट्रेलिया-भारत-अमेरिका) सहित एक ‘मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत’ की दिशा में सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की।
- उन्होंने दक्षिण एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका की क्षेत्रीय स्थितियों पर चर्चा की तथा उत्तर-पूर्वी भारत कनेक्टिविटी पर बौद्धिक संवाद, जापान-भारत एक्ट ईस्ट फोरम, और दक्षिण एशिया पर एक नीति संवाद ढांचा स्थापित करने जैसी पहलों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
- जापान-भारत एक्ट ईस्ट फोरम की स्थापना दिसंबर 2017 में की गई थी। इसका उद्देश्य भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और जापान के ‘स्वतंत्र और मुक्त इंडो-पैसिफिक के विजन’ के तहत भारत-जापान सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करना है।
- क्षेत्रीय परिस्तिथियाँ और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सहयोग
भारत और जापान के बीच सहयोग के क्षेत्र

