संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन–3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन।
संदर्भ: संयुक्त राष्ट्र की हानि एवं क्षति प्रतिक्रिया कोष (FRLD) ने अगस्त 2026 में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए नेपाल को 2.16 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि अस्थायी रूप से निर्धारित की है।
अन्य संबंधित जानकारी
- अगस्त में आई बाढ़ के बाद नेपाल द्वारा वित्तीय सहायता के लिए तत्काल अनुरोध किए जाने पर FRLD के बोर्ड ने एक असाधारण आभासी बैठक आयोजित की।
- बोर्ड ने एक प्रायोगिक व्यवस्था को मंजूरी दी, जिसके अंतर्गत नेपाल को बारबाडोस कार्यान्वयन प्रक्रियाओं (BIM) के तहत नियमित आवेदन अवधि के बाहर भी वित्तपोषण के लिए अनुरोध प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई।
- यह सहायता राशि अभी वितरित नहीं की गई है। नेपाल को औपचारिक वित्तपोषण अनुरोध प्रस्तुत करना होगा, जिस पर मनीला में दिसंबर 2026 में होने वाली बोर्ड की बैठक में विचार किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र की हानि एवं क्षति कोष के बारे में
- आधिकारिक नाम: हानि एवं क्षति प्रतिक्रिया कोष (Fund for Responding to Loss and Damage—FRLD)।
- स्थापना: इसकी स्थापना वर्ष 2022 में मिस्र के शर्म अल-शेख में आयोजित COP27 में की गई तथा वर्ष 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में आयोजित COP28 में इसे क्रियाशील बनाया गया।
- उद्देश्य: जलवायु परिवर्तन के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील विकासशील देशों को चरम मौसमी घटनाओं तथा धीरे-धीरे घटित होने वाली घटनाओं से होने वाली आर्थिक एवं गैर-आर्थिक हानि की भरपाई करने में सहायता प्रदान करना।
- संस्थागत ढाँचा: यह जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा अभिसमय (UNFCCC) की वित्तीय व्यवस्था के अंतर्गत कार्य करती है। विश्व बैंक इसका अंतरिम न्यासी है।
- वित्तपोषण संबंधी प्रतिबद्धताएँ: वर्ष 2026 तक 27 देशों ने लगभग 82.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई थी, जिसमें लगभग 63 करोड़ अमेरिकी डॉलर अनुदान के रूप में दिए जाने हैं।
- प्रारंभिक आवंटन: कोष के प्रारंभिक चरण के लिए लगभग 34.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर आवंटित किए गए, जिनमें से कम-से-कम आधी राशि लघु द्वीपीय विकासशील राज्यों (SIDS) और अल्प विकसित देशों (LDCs) के लिए निर्धारित की गई।
- पहलीवित्तपोषणअपील: 119 देशों से वित्तपोषण के 176 अनुरोध प्राप्त हुए, जिनमें लगभग 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर की माँग की गई।
- बोर्ड ने इन अनुरोधों पर निर्णय दिसंबर 2026 तक स्थगित कर दिए।
- बारबाडोस कार्यान्वयन प्रक्रियाएँ (BIM): यह संवेदनशील विकासशील देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कोष की प्रारंभिक परिचालन व्यवस्था है।
- वित्तपोषण की सीमा: प्रारंभिक वित्तपोषण व्यवस्था के अंतर्गत, किसी एक घटना के लिए 50 लाख से 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक की सहायता का अनुरोध किया जा सकता है।
- वित्तीय बाधाएँ: कोष में वास्तव में उपलब्ध नकदी इस बात पर निर्भर करती है कि दाता देश अपनी घोषित प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हैं या नहीं। उपलब्ध वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं और प्राप्त अनुरोधों के बीच अभी भी एक बड़ा अंतर बना हुआ है।
कोष का महत्त्व
- आपदा-विशिष्ट आवंटन की पहली पहल: यह पहली बार है जब हानि एवं क्षति प्रतिक्रिया कोष (FRLD) ने जलवायु-संबंधी किसी तात्कालिक आपदा के बाद किसी विशिष्ट देश के लिए धनराशि निर्धारित की है।
- संवेदनशील देशों को सहायता: सीमित संसाधनों वाले विकासशील देशों को जलवायु-प्रेरित क्षति से उबरने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें बुनियादी ढाँचे, आजीविका और समुदायों को हुई क्षति शामिल है।
- जलवायु न्याय की मान्यता: यह जलवायु आपदाओं का संवेदनशील देशों, विशेषकर अल्पविकसित देशों, पर पड़ने वाले असमान रूप से अधिक बोझ को रेखांकित करती है, जबकि वैश्विक उत्सर्जन में उनका योगदान अपेक्षाकृत कम है।
- आपातकालीन वित्तपोषण के लिए प्रायोगिक पहल: नेपाल के लिए अपनाई गई असाधारण आवेदन व्यवस्था भविष्य में जलवायु आपदाओं से निपटने हेतु अधिक तीव्र और लचीली व्यवस्था विकसित करने में उपयोगी सीख प्रदान कर सकती है।
- जलवायु वित्तपोषण की कमी को उजागर करती है: नेपाल के अनुसार, आर्थिक क्षति लगभग 2.69 अरब डॉलर है, जबकि पुनर्प्राप्ति और पुनर्निर्माण के लिए कम-से-कम 4.71 अरब डॉलर की आवश्यकता है।
- प्रस्तावित सहायता इन आवश्यकताओं के केवल एक छोटे हिस्से को पूरा करती है। यह अधिक वित्तीय योगदान, धनराशि के तीव्र वितरण और स्थायी त्वरित-प्रतिक्रिया तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
