मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज

संदर्भ: हाल ही में, भारत ने मेघालय के लिविंग रूट ब्रिज, जिसका शीर्षक जिंगकिएंग जरी / ल्यु छराई सांस्कृतिक परिदृश्य” है, का नामांकन डोजियर पेरिस स्थित यूनेस्को को विश्व धरोहर सूची (2026-27 चक्र) के अंतर्गत विचारार्थ प्रस्तुत किया है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • इस नामांकन के अंतर्गत खासी और जयंतिया पहाड़ियों में विस्तृत एक जीवंत सांस्कृतिक परिदृश्य को शामिल किया गया है, जिसे स्वदेशी खासी और जयंतिया समुदायों द्वारा सदियों से संरक्षित किया गया है।
  • यह परिदृश्य मानव, प्रकृति और आस्था के बीच गहरे अंतर्संबंध को प्रतिबिंबित करता है, जो पारंपरिक भू-प्रबंधन पद्धतियों, सामुदायिक शासन और सतत पारिस्थितिक प्रबंधन के माध्यम से परिलक्षित होता है।
  • ये सांस्कृतिक प्रथाएं प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और मेई रामेव अर्थात् धरती माता के प्रति श्रद्धा के स्वदेशी दर्शन को मूर्त रूप प्रदान करती हैं।

लिविंग रूट ब्रिज के बारे में

  • लिविंग रूट ब्रिज का निर्माण नहीं किया जाता, बल्कि इन्हें नदियों और घाटियों के आर-पार फिकस इलास्टिका (Ficus elastica – रबर अंजीर के पेड़) की वायवीय जड़ों को प्रशिक्षित करके विकसित किया जाता है।
  • युवा जड़ों को अरेका केटेचु (Areca catechu – सुपारी) के खोखले तनों का उपयोग करके निर्देशित किया जाता है, जो विकास के दौरान उन्हें सुरक्षा और दिशात्मक सहायता प्रदान करते हैं।
  • मुख्य रूप से खासी और जयंतिया जनजातियों द्वारा विकसित, इन पुलों को परिपक्व होने में कई दशक लगते हैं और सामुदायिक देखभाल के साथ ये सैकड़ों वर्षों तक उपयोगी बने रह सकते हैं।
  • परिपक्व ब्रिज कई मीटर तक फैले हो सकते हैं और एक साथ कई दर्जन लोगों का भार वहन करने में सक्षम होते हैं।
  • 19वीं शताब्दी ईस्वी तक लिखित लिपि के अभाव के कारण इनकी सटीक आयु का पता नहीं लगाया जा सका है; हालाँकि, मान्यताओं के अनुसार कुछ पुल 500 वर्ष से अधिक पुराने हो सकते हैं।

निपाह वायरस (NiV)

संदर्भ: हाल ही में, दिसंबर 2025 से भारत में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि होने के पश्चात, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम उप-राष्ट्रीय स्तर पर ‘मध्यम’ तथा राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर ‘निम्न’ बना हुआ है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • बारासात (पश्चिम बंगाल) के एक निजी अस्पताल में कार्यरत दो स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित पाए गए थे।
  • 2001 (सिलीगुड़ी) और 2007 (नदिया) के बाद पश्चिम बंगाल में निपाह (वाहक हेनिपावायरस निपाहेंस) का यह तीसरा प्रकोप है।
  • भारत ने इस विषय पर 26 जनवरी 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन को अधिसूचना जारी की।
  • संक्रमण की पुष्टि 13 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), पुणे द्वारा RT-PCR और ELISAपरीक्षणों के माध्यम से की गई।

नैदानिक परीक्षण

  • RT-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन): यह एक संवेदनशील प्रयोगशाला तकनीक है जो ‘रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज़’ एंजाइम का उपयोग करके RNA को पूरक DNA (cDNA) में परिवर्तित करती है, जिसे बाद में RNA की पहचान और मात्रा निर्धारण करने हेतु PCR के माध्यम से प्रवर्धित किया जाता है।
  • एलिसा (ELISA – एंजाइम-लिंक्ड इम्युनोसॉरबेंट एसे): यह एक “स्वर्ण मानक” प्रयोगशाला तकनीक है जिसका उपयोग प्रोटीन, एंटीबॉडी और हार्मोन जैसे पदार्थों की पहचान और मात्रा निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

पावर गैप इंडेक्स

संदर्भ: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में पहली बार पावर गैप इंडेक्स का उल्लेख किया गया है, जो इस बात को रेखांकित करता है कि भारत ने अपनी क्षमताओं को क्षेत्रीय रणनीतिक प्रभाव में पूर्ण रूप से परिवर्तित नहीं किया है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • यह सर्वेक्षण ऑस्ट्रेलिया में स्थित लोवी इंस्टीट्यूट द्वारा प्रकाशित एशिया पावर इंडेक्स के निष्कर्षों पर आधारित है।
  • वर्ष 2025 में भारत का पावर गैप स्कोर  4.0 दर्ज किया गया है। यह -4.0 का स्कोर इंगित करता है कि भारत अपनी पूर्ण रणनीतिक क्षमता से कम पर कार्य कर रहा है, जो रूस और उत्तर कोरिया को छोड़कर एशिया में सबसे कम ‘शक्ति अंतराल’ को दर्शाता है।
  • सर्वेक्षण में वैश्विक अनिश्चितता को रणनीतिक अवसर में बदलने के लिए सीमित समयांतराल का उल्लेख किया गया है।

पावर गैप इंडेक्स के बारे में

  • यह अपेक्षित शक्ति (संसाधन) और वास्तविक प्रभाव के बीच के अंतराल को मापता है।
  • यह आठ आयामों पर आधारित है, जिनमें आर्थिक, सैन्य, लचीलापन, भविष्य के संसाधन, कूटनीति, रक्षा नेटवर्क, आर्थिक संबंध और संस्कृति शामिल हैं।
  • धनात्मक स्कोर इंगित करता है कि कोई देश प्रभावी ढंग से संसाधनों को प्रभाव में परिवर्तित करता है।
  • ऋणात्मक स्कोर महत्वपूर्ण क्षमताएं होने के बावजूद अल्प प्रदर्शन को दर्शाता है।

एशिया पावर इंडेक्स में भारत की स्थिति

  • स्थान: 27 देशों और प्रदेशों में तीसरा स्थान।
  • स्कोर: 40 / 100
  • प्रमुख शक्ति: भारत ने पहली बार ‘प्रमुख शक्ति’ की श्रेणी में प्रवेश किया है।
  • शीर्ष देश: संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका से ‘कांस्य मूर्तियों’ की भारत वापसी

संदर्भ: संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित स्मिथसोनियन के ‘नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट’ ने नटराज, सोमस्कंद (शिव-पार्वती-स्कंद)  और संत सुंदरर व परवई की मूर्तियों को भारत सरकार को वापस करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय इस बात की पुष्टि होने के बाद लिया गया है कि इन्हें तमिलनाडु के मंदिरों से गैर-कानूनी तरीके से हटाया गया था।

अन्य संबंधित जानकारी

  • इस निर्णय को भारत की चोरी हुई सांस्कृतिक विरासत की अंतर्राष्ट्रीय पुनर्प्राप्ति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
  • यह तमिलनाडु ‘मूर्ति विंग-सीआईडी’ द्वारा अपनाई गई पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (MLAT) आधारित पुनर्प्राप्ति रणनीति की वैधता को भी प्रमाणित करता है।
  • वर्ष 2022 में संग्रहालय को प्रासंगिक दस्तावेज़ और MLAT से संबंधित सामग्री सौंपी गई थी।
  • 2023 में, ‘फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ पांडिचेरी’ के फोटो अभिलेखागार से यह जानकारी मिली कि इन मूर्तियों को 1956 और 1959 के बीच कार्यरत मंदिरों में चित्रित किया गया था।
  • इन निष्कर्षों की बाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा समीक्षा और पुष्टि की गई, जिसने प्रमाणित किया कि इन मूर्तियों को हटाना भारतीय कानून का उल्लंघन था।

मूर्तियों की मुख्य विशेषताएं

पारस्परिक कानूनी सहायता संधियों (MLATs) के बारे में

  • पारस्परिक कानूनी सहायता (MLA) एक औपचारिक तंत्र है जो देशों को आपराधिक जांच और अभियोजन में सहयोग करने में सक्षम बनाता है, विशेष रूप से तब जब अपराध के साक्ष्य या संपत्ति विदेश में हों।
  • ऐसा सहयोग सामान्यतः देशों के बीच द्विपक्षीय संधियों या समझौतों के तहत शासित होता है।
  • विरासत संबंधी अपराधों, वित्तीय अपराधों और अंतरराष्ट्रीय जांच के मामलों में MLAT का उपयोग निरंतर बढ़ रहा है।

गणतंत्र दिवस परेड 2026 के ‘सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते’ और ‘सर्वश्रेष्ठ झांकी’ की घोषणा

संदर्भ: गणतंत्र दिवस परेड 2026 के सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ते, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के लिए सर्वश्रेष्ठ झांकियों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

अन्य संबंधित जानकारी

दस्तों और झांकियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए गठित न्यायाधीशों के तीन पैनलों ने निम्नलिखित का चयन किया है:

  • सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता (तीनों सेनाएं): भारतीय नौसेना
  • सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता (CAPFs /सहायक बल): दिल्ली पुलिस

सर्वश्रेष्ठ झांकी (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश):

  • महाराष्ट्र: गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक।
  • जम्मू और कश्मीर: जम्मू और कश्मीर के हस्तशिल्प और लोक नृत्य।
  • केरल: वाटर मेट्रो और 100% डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल।

सर्वश्रेष्ठ झांकी (केंद्रीय मंत्रालय/विभाग):

  • संस्कृति मंत्रालय: वंदे मातरम: राष्ट्र की अंतरात्मा की पुकार।

विशेष पुरस्कार:

  • केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD): वंदे मातरम: 150 वर्षों का स्मरणोत्सव।
  • नृत्य समूह: वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूंज।

पॉपुलर चॉइसपुरस्कार (MyGov पोल)

  • सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता (तीनों सेनाएं): असम रेजिमेंट
  • सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता (CAPFs /अन्य सहायक बल): केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)

शीर्ष तीन झांकियां (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश):

  1. गुजरात: स्वदेशी का मंत्र – आत्मनिर्भरता – स्वतंत्रता: वंदे मातरम।
  2. उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की संस्कृति।
  3. राजस्थान: मरुस्थल का स्वर्णिम स्पर्श: बीकानेर स्वर्ण कला (उस्ता कला)।
  • सर्वश्रेष्ठ झांकी (केंद्रीय मंत्रालय/विभाग): विद्यालयी शिक्षा और साक्षरता विभाग (राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की राह में भारतीय स्कूली शिक्षा को तीव्र गति प्रदान करना उत्थान)।

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश अंतर्वाह में 73% की वृद्धि: UNCTAD रिपोर्ट

संदर्भ: ‘व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ (UNCTAD) द्वारा जारी ‘ग्लोबल इन्वेस्टमेंट ट्रेंड्स मॉनिटर’ के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) अंतर्वाह में 73% की वृद्धि हुई और यह 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से सेवाओं (वित्त, आईटी और अनुसंधान एवं विकास) और विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश तथा देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करने वाली नीतियों के कारण हुई है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • भारत के FDI अंतर्वाह में तीव्र वृद्धि सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में हुए भारी निवेश के कारण हुई है।
  • वर्ष 2025 में वैश्विक स्तर पर भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में पर्याप्त वृद्धि दर्ज की गई।
  • डेटा सेंटर FDI रुझानों के प्रमुख चालक के रूप में उभरे हैं, जो वैश्विक पूंजी के लिए भारत की बढ़ती रुचि को प्रदर्शित करते हैं।
  • वर्ष 2025 में भारत डेटा सेंटर निवेश प्राप्त करने वाले शीर्ष 10 प्रमुख देशों में शामिल था।
  • डेटा सेंटर्स में विदेशी निवेश कुछ देशों तक ही सीमित रहा, जिसमें फ्रांस (प्रथम), संयुक्त राज्य अमेरिका (द्वितीय) और कोरिया गणराज्य (तृतीय) अग्रणी रहे।
  • उभरते बाजारों में ब्राजील (चौथा), भारत (सातवां) और मलेशिया (नौवां) ने भी प्रमुख परियोजनाओं को आकर्षित किया।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

  • वैश्विक FDI वर्ष 2025 में 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अनुमानित 1.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
  • इस वृद्धि में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्रों और निवेश केंद्रों की रही, जिन्होंने संयुक्त रूप से इसमें 140 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की वृद्धि की।
  • यूनाइटेड किंगडम, लक्ज़मबर्ग, स्विट्जरलैंड और आयरलैंड इन ‘वाहक प्रवाह’ (conduit flows) के मुख्य स्रोत रहे।
  • उत्तरी अमेरिका में FDI प्रवाह स्थिर रहा; अमेरिका के अंतर्वाह में 2% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • सीमा-पार विलय और अधिग्रहण गतिविधियों में 22% की गिरावट आई और यह USD 132 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया हालांकि सेमीकंडक्टर और दूरसंचार क्षेत्र में इसमें तीव्र वृद्धि देखी गई।
  • अंतरराष्ट्रीय परियोजना वित्त में 7% की वृद्धि हुई, भले ही परियोजनाओं की संख्या में 5% की गिरावट आई।
  • सीरिया, फिलीपींस, वियतनाम और उजबेकिस्तान में परियोजना वित्त गतिविधि बढ़ी, लेकिन मिस्र और भारत में इसमें गिरावट आई।
  • डेटा सेंटर्स ने FDI विकास को गति दी, जिसमें ग्रीनफील्ड घोषणाओं में 125 बिलियन डॉलर और अंतरराष्ट्रीय परियोजना वित्त में 30 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ।
    • ग्रीनफील्ड निवेश FDI का एक रूप है जिसमें एक विदेशी कंपनी मेजबान देश में बिल्कुल शून्य से नई परिचालन सुविधाएं स्थापित करती है।
  • मालिकाना बुनियादी ढांचे (Proprietary infrastructure) का बढ़ता महत्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रौद्योगिकियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को प्रतिबिंबित करता है।

UNCTAD के बारे में

  • यह संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित एक स्थायी अंतर-सरकारी निकाय है, जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी। यह व्यापार और विकास के मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र के अग्रणी संस्थान के रूप में कार्य करता है।
  • यह विकासशील देशों का समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक और व्यापार विश्लेषण, आम सहमति बनाने और तकनीकी सहायता के माध्यम से समर्थन करता है।
  • मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड
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