ग्लैंडर्स के लिए संशोधित राष्ट्रीय कार्य योजना

संदर्भ: 

हाल ही में, पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने भारत में इस रोग की निगरानी, रोकथाम, नियंत्रण और उन्मूलन के लिए ग्लैंडर्स पर एक संशोधित राष्ट्रीय कार्य योजना की शुरुआत की है।

संशोधित कार्य योजना के बारे में
  • भारत में ग्लैंडर्स के नियंत्रण और उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना पहली बार 26 जुलाई, 2019 को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा जारी की गई थी।
  • इस योजना का उद्देश्य घोड़ों में होने वाले ग्लैंडर्स रोग  को नियंत्रित और समाप्त करना है। ग्लैंडर्स घोड़ों (घोड़े या अश्व परिवार के अन्य सदस्य) की एक संक्रामक और घातक बीमारी है।
  • इसके लिए पशुपालन और डेयरी विभाग आवश्यकतानुसार तकनीकी मार्गदर्शन, निगरानी और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
संशोधित कार्य योजना के उद्देश्य
  • मामलों का शीघ्र पता लगाना और समय पर रिपोर्ट करना।
  • प्रकोपों की रोकथाम और उन्मूलन।
  • संगरोध (quarantine) और आवागमन नियंत्रण के माध्यम से रोग के प्रसार की रोकथाम।
  • पशु चिकित्सा और क्षेत्रीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण।
  • हितधारकों की जागरूकता और भागीदारी।
ग्लैंडर्स के बारे में
  • ग्लैंडर्स एक संक्रामक और जानलेवा रोग है जो मुख्य रूप से घोड़ों, गधों या खच्चरों को प्रभावित करती है और बर्कहोल्डेरिया मैलेई नामक जीवाणु के कारण होता है।
  • यह रोग पशुओं में संक्रामक और संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण (PCICDA) अधिनियम, 2009 के अंतर्गत अधिसूचित है।
  • ग्लैंडर्स मनुष्यों में भी संचरित हो सकता है।

होमस्टे पर पुनर्विचार: नीतिगत मार्ग निर्धारण  

संदर्भ: 

हाल ही में, नीति आयोग ने होमस्टे और BnBs (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के लिए इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) के सहयोग से होमस्टे पर पुनर्विचार: नीतिगत मार्ग निर्धारण शीर्षक से रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं

रिपोर्ट का उद्देश्य भारत में एक लचीला, समावेशी और विरासत-संबद्ध होमस्टे क्षेत्र का निर्माण करना है।

होमस्टे स्थानीय उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देते हुए यात्रियों को सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध अनुभव प्रदान करते हैं।

होमस्टे के लिए पारदर्शी नियामक ढाँचे की आवश्यकता है।

  • पर्यटकों और मकान मालिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • विरासत की रक्षा करना।
  • समावेशी और सतत विकास को समर्थन देना।

होमस्टे इकोसिस्टम को मजबूत करने में सार्वजनिक-निजी सहयोग के महत्व पर बल दिया गया।

रणनीतिक सिफारिशें
  • स्थानीय संदर्भों के अनुरूप लचीले नीतिगत दृष्टिकोण अपनाना।
  • होमस्टे मेजबानों (होस्ट) को सशक्त बनाने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम।
  • उपभोक्ता विश्वास और दृश्यता बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का एकीकरण।
  • शासन के लिए राज्य-स्तरीय सर्वोत्तम अभ्यासों और मापनीय मॉडलों का संवर्धन।
  • विरासत- संबद्ध विकास को प्रोत्साहित करना जो प्रामाणिकता और आधुनिक आतिथ्य मानकों के बीच संतुलन बनाए रखे।
रिपोर्ट का महत्व
  • होमस्टे, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, आजीविका सृजन के साथ सांस्कृतिक प्रामाणिकता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत कर सकते हैं।
  • यह रिपोर्ट नीति निर्माताओं, उद्योग हितधारकों और स्थानीय समुदायों के लिए लचीला, समावेशी और टिकाऊ होमस्टे क्षेत्र बनाने हेतु एक रोडमैप प्रदान करती है।
  • इसमें होमस्टे विकास और प्रशासन के लिए मापनीय मॉडलों को दर्शाने हेतु केस स्टडी और राज्य-स्तरीय सर्वोत्तम अभ्यासों को भी शामिल किया गया है।

रण संवाद, 2025

संदर्भ: 

हाल ही में, भारतीय सेना ने आर्मी वॉर कॉलेज, डॉ. अंबेडकर नगर (मध्य प्रदेश) में दो दिवसीय त्रि-सेवा संवाद (Tri-Service dialogue) की मेजबानी की।

रण संवाद, 2025
  • यह मंच भारत की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए युद्ध के बदलते स्वरूप में सिद्धांतों, तकनीक और संचालन कला पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है।
  • यह अपनी तरह का पहला अभ्यास-आधारित मंच है, जिसमें सेवारत अधिकारी अपने संचालन संबंधी अनुभव साझा करते हैं।
  • यह एक आत्मविश्वासी, अनुकूलनशील और एकीकृत आधुनिक भारतीय सेना की दिशा में एक कदम है।
  • यह कार्यक्रम रक्षा सेवाओं के प्रमुख के मार्गदर्शन में, सेना प्रशिक्षण कमान के समन्वय में, एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (CENJOWS) द्वारा आयोजित किया गया था।
चर्चा के मुख्य विषय
  • सूचना युद्ध: नैरेटिव प्रभुत्व, संज्ञानात्मक सुरक्षा, साइबर और विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम नियंत्रण।
  • ग्रे-ज़ोन के खतरे: बल प्रयोग और उप-परंपरागत चुनौतियों के प्रति संतुलित प्रतिक्रियाएँ।
  • एकीकृत संचालन: योजना, रसद, आग और सेवाओं में प्रभावों में तालमेल।
  • भविष्य की प्रौद्योगिकियाँ: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियाँ, लचीले नेटवर्क, अंतरिक्ष-आधारित निगरानी,  SATCOM और उन्नत सेंसर।

संवाद का महत्व

  • परिचालन यथार्थवाद: वास्तविक युद्धक्षेत्र के अनुभवों पर आधारित।
  • संयुक्त युद्ध: संघर्ष-मुक्ति से लेकर वास्तविक एकीकरण तक।
  • क्षमता में वृद्धि: परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप प्रौद्योगिकी रोडमैप।
  • संस्थागत शिक्षा: सिद्धांत, प्रशिक्षण और बल अभिकल्पन (design) में संहिताबद्ध पाठ।

प्रोजेक्ट आरोहण 

संदर्भ: 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के साथ मिलकर टोल प्लाजा कर्मचारियों की शैक्षिक आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रोजेक्ट आरोहण की शुरूआत की है।

अन्य संबंधित जानकारी
  • इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों के लिए वित्तीय बाधाओं को दूर करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। यह टोल प्लाज़ा कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति NHAI की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • इस परियोजना का उद्देश्य कक्षा 11 से स्नातक के अंतिम वर्ष तक के पाँच सौ छात्रों को कवर करना है।
  • प्रत्येक छात्र को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 12,000 रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, स्नातकोत्तर और उच्च शिक्षा के आकांक्षी 50 प्रतिभाशाली छात्रों को 50,000 रुपये (प्रत्येक छात्र को) की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बारे में 
  • NHAI की स्थापना 1988 के NHAI अधिनियम के तहत की गई थी और यह राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, प्रबंधन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
  • इसके प्रमुख कार्यों में राजमार्ग परियोजनाओं की योजना बनाना और उनका कार्यान्वयन करना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों के संचालन को विनियमित करना, टोल एकत्र करना और राजमार्ग संबंधी मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना शामिल है।
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