संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास और रोजगार से संबंधित विषय।
संदर्भ: हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारतीय वित्तीय प्रणाली के लचीलेपन का आकलन करने और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिमों की पहचान करने हेतु दिसंबर 2025 की ‘वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट’ जारी की।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

- वैश्विक अर्थव्यवस्था:
- राजकोषीय उपायों, अग्रिम व्यापारिक रणनीतियों और AI- क्षेत्र में बड़े निवेश के समर्थन से भारतीय अर्थव्यवस्था में लचीलापन देखा जा रहा है।
- हालाँकि अत्यधिक अनिश्चितता, उच्च सार्वजनिक ऋण और बाजार में अव्यवस्थित सुधार के जोखिम के कारण अर्थव्यवस्था में गिरावट की संभावनाएं अभी भी बनी हुई हैं।
- वैश्विक वित्तीय बाजारों में बढ़ती अंतर्निहित कमजोरियां: शेयर बाजार में अत्यधिक तेजी, बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं (NBFIs) के बीच गहराता संबंध और स्टेबलकॉइन्स का विस्तार, ये सभी कारक मिलकर वैश्विक वित्तीय ढांचे को अधिक संवेदनशील और कमजोर बना रहे हैं।
- स्टेबलकॉइन एक ऐसी क्रिप्टोकरेंसी है जिसका मूल्य स्थिर रहता है, आमतौर पर इसे अमेरिकी डॉलर जैसी किसी ‘फिएट’ मुद्रा के साथ जोड़कर स्थिर रखा जाता है।
- लचीली भारतीय अर्थव्यवस्था: अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद, उच्च घरेलू मांग, नियंत्रित मुद्रास्फीति और विवेकपूर्ण व्यापक आर्थिक नीतियों के बल पर भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से प्रगति कर रही है।
- SCBs का वित्तीय स्वास्थ्य: मजबूत पूंजी आधार, पर्याप्त तरलता और गैर-निष्पादित आस्तियों (NPA) में निरंतर गिरावट ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप उनके मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
- मैक्रो स्ट्रेस टेस्ट के सकारात्मक परिणाम:
- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (SCBs) किसी भी काल्पनिक आर्थिक संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उनके पास विनियामक मानकों से कहीं अधिक पूंजी भंडार उपलब्ध है।
- स्ट्रेस टेस्ट (Stress tests) भी म्यूचुअल फंड और क्लियरिंग कॉरपोरेशन्स के लचीलेपन की भी पुष्टि करते हैं।
- सुदृढ़ पूंजी आधार, निरंतर लाभप्रदता और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के चलते गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) वर्तमान में काफी सशक्त स्थिति में हैं।
- बीमा क्षेत्र की वित्तीय स्थिति (बैलेंस शीट) सुदृढ़ हुई है, और उनका समेकित शोधनक्षमता अनुपात न्यूनतम सीमा से लगातार ऊपर बना हुआ है।
Source:
Business Standard
RBI
