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सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार।

संदर्भ: हाल ही में, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने 4 से 7 मार्च 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता के बाद, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘डिजिटलीकरण और संधारणीयता में रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया।

अन्य संबंधित जानकारी

  • राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की राष्ट्रपति के रूप में यह पहली भारत यात्रा थी, जिसके दौरान उन्होंने फिनलैंड के मंत्रियों और व्यावसायिक दिग्गजों के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली और मुंबई का दौरा किया।
  • उन्होंने रायसीना डायलॉग 2026 में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में भी भाग लिया।
  • उनकी यह यात्रा भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बढ़ते जुड़ाव के दौरान हुई है, और यह भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन 2026 में संपन्न हुए ‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते’ (India-EU FTA) के अनुरूप है।
  • दोनों देशों ने अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, संधारणीयता और नवाचार इकोसिस्टम में सहयोग पर बल दिया, तथा यूक्रेन और मध्य पूर्व के संघर्षों सहित वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा की, जिसमें फिनलैंड ने शांतिदूत के रूप में भारत की संभावित भूमिका को रेखांकित किया।

यात्रा के मुख्य बिंदु

  • द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत किया गया: भारत-फिनलैंड संबंधों को ‘डिजिटलीकरण और संधारणीयता में रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया।
    • इसके तहत प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल शासन और नवाचार इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
  • हस्ताक्षरित समझौते: तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए:
    • प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौता: (कुशल श्रमिकों, छात्रों और पेशेवरों के लिए)।
    • पर्यावरण सहयोग समझौता ज्ञापन।
    • आधिकारिक सांख्यिकी में सहयोग।
  • व्यापार और आर्थिक सहयोग: दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) वार्ताओं से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाते हुए, वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
    • मुंबई में आयोजित ‘भारत-फिनलैंड व्यापार शिखर सम्मेलन’  के माध्यम से व्यापारिक जुड़ाव।
    • ‘भारत-फिनलैंड स्टार्टअप कॉरिडोर’ जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग, जिसमें स्लश (हेलसिंकी) और स्टार्टअप महाकुंभ (नई दिल्ली) में भागीदारी शामिल है।
  • प्रौद्योगिकी और नवाचार साझेदारी: महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की गई जैसे-
    • 5G और 6G दूरसंचार
    • कृत्रिम मेधा और क्वांटम कंप्यूटिंग
    • सेमीकन्डक्टर और हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग
    • डिजिटलीकरण पर क्रॉस सेक्टोरल संयुक्त कार्य समूह  
    • भारत 6G एलायंस और औउलू यूनिवर्सिटी को सम्मिलित करते हुए 6G पर संयुक्त कार्य बल का गठन।
    • भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और बिजनेस फिनलैंड के बीच सहयोग के अंतर्गत जॉइंट रिसर्च कॉल की शुरुआत।
  • अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में सहयोग: चल रहे सहयोग में शामिल हैं:
    • फिनिश दूरसंचार कंपनी Nokia के नेटवर्क का भारत में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
    • भारत 6G एलायंस और औलू यूनिवर्सिटी  के बीच सहयोग।
  • संधारणीयता और जलवायु सहयोग: स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, जैव ईंधन, स्मार्ट ग्रिड और चक्रीय अर्थव्यवस्था में सहयोग।
    • भारत ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकॉनमी फोरम चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026’ की मेजबानी करेगा, जो कि फिनलैंड की एक पहल है।
    • जल प्रबंधन, मौसम विज्ञान और जलवायु अनुसंधान में सहयोग।
  • शिक्षा और जन संपर्क: शिक्षकों के प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और अनुसंधान सहयोग में सहयोग का विस्तार।
    • फिनलैंड भारतीय छात्रों और कुशल पेशेवरों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
  • बहुपक्षीय और रणनीतिक सहयोग: फिनलैंड ने एक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
    • दोनों पक्षों ने नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
    • फिनलैंड ने भारत को आर्कटिक सहयोग पहल और आर्कटिक परिषद के ढांचे में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
  • सुरक्षा और वैश्विक मुद्दे: दोनों नेताओं ने पहलगाम (2025) और लाल किले के समीप (2025) हुए हमलों सहित आतंकवाद की कड़ी निंदा की।
    • UN सुरक्षा परिषद में सुधारों का आह्वान।
    • UNCLOSके अंतर्गत एक मुक्त, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

भारत– फिनलैंड द्विपक्षीय संबंध

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