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सामान्य अध्ययन-3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास और रोजगार से संबधित विषय।

संदर्भ: फरवरी 2026 में खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और बहुमूल्य धातुओं की उच्च लागत के कारण भारत की खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, मुद्रास्फीति का समग्र स्तर अभी भी केंद्रीय बैंक (RBI) के मध्यम अवधि के लक्ष्य से नीचे बना हुआ है।

अन्य संबंधित जानकारी:

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने फरवरी 2026 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित मुद्रास्फीति के नवीनतम आंकड़े जारी किए हैं।
  • फरवरी 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.21% हो गई, जो पिछले दस महीनों में दर्ज किया गया उच्चतम स्तर है।
  • जनवरी 2026 में यह दर 2.74% थी। फरवरी की वृद्धि विभिन्न उपभोग श्रेणियों में मूल्य दबाव में मध्यम वृद्धि का संकेत देती है।
  • ये आंकड़े आधार वर्ष 2024 वाली नई CPI श्रृंखला के तहत जारी किए गए हैं। इस नई श्रृंखला ने 2012 के आधार वर्ष को प्रतिस्थापित किया है और मुद्रास्फीति मापने हेतु वस्तुओं की टोकरी का विस्तार किया है।
  • अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि मार्च 2026 में हेडलाइन CPI मुद्रास्फीति बढ़कर 3.3% से 3.5% के आसपास पहुँच सकती है। यह वृद्धि वैश्विक कमोडिटी (पण्य) कीमतों और घरेलू ईंधन लागत पर निर्भर होगी।
  • हालिया वृद्धि के बावजूद, मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य (± 2% के सहिष्णु बैंड) से नीचे बनी हुई है। यह अर्थव्यवस्था में अपेक्षाकृत स्थिर मूल्य स्थितियों को दर्शाता है।

मुद्रास्फीति में वृद्धि के मुख्य चालक

  • खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि: उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) में वार्षिक मुद्रास्फीति जनवरी के 2.13% की तुलना में फरवरी 2026 में बढ़कर 3.47% हो गई। खाद्य कीमतों में इस वृद्धि ने समग्र मुद्रास्फीति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • तंबाकू और संबंधित उत्पाद: पान, तंबाकू और मादक पदार्थों की श्रेणी में मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़कर लगभग 3.6% हो गई, जो इन उपभोग वस्तुओं की उच्च कीमतों को दर्शाती है।
  • आवास मुद्रास्फीति: फरवरी 2026 में वार्षिक आवास मुद्रास्फीति दर 2.12% रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 2.43% और शहरी क्षेत्रों में 2.00% दर्ज की गई।
  • निम्न मुद्रास्फीति वाली वस्तुएं: अखिल भारतीय संयुक्त स्तर पर जिन वस्तुओं में सबसे कम मुद्रास्फीति दर्ज की गई, उनमें लहसुन, प्याज, आलू, अरहर और लीची शामिल हैं।
  • उच्च मुद्रास्फीति वाली वस्तुएं: इस महीने के दौरान उच्चतम मुद्रास्फीति दर्ज करने वाली वस्तुओं में चांदी के आभूषण, सोने और प्लैटिनम के आभूषण, खोपरा, टमाटर और फूलगोभी शामिल रहे।
  • बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तीव्र उछाल: ‘व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और विविध वस्तुओं एवं सेवाओं’ की श्रेणी में मुद्रास्फीति अत्यंत उच्च बनी रही, जिसका मुख्य कारण सोना और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में हुई वृद्धि है।

मुद्रास्फीति को प्रभावित करने वाले बाह्य कारक

  • पश्चिम एशिया संघर्ष का प्रभाव: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति को बाधित किया है, जिससे बिजली, गैस और अन्य ईंधन से संबंधित श्रेणियों में कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि: मार्च की शुरुआत में घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की कीमतों में हुई वृद्धि से रेस्तरां सेवाओं और आवास जैसी श्रेणियों में मुद्रास्फीति पर उपरिगामी दबाव पड़ने की संभावना है।
  • रुपये का अवमूल्यन और वैश्विक अनिश्चितता: भारतीय मुद्रा (रुपये) के अवमूल्यन और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता ने सोना और चांदी जैसी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों में योगदान दिया है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बारे में

  • CPI परिवारों द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में होने वाले परिवर्तनों को मापता है और जीवन निर्वाह लागत मुद्रास्फीति के प्रमुख संकेतक के रूप में कार्य करता है।
  • यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का प्राथमिक मुद्रास्फीति सूचक है और मौद्रिक नीति तथा ब्याज दर संबंधी निर्णयों में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
  • आधार वर्ष वह संदर्भ बिंदु होता है जिसके सापेक्ष मूल्य परिवर्तनों को मापा जाता है। इसका सूचकांक 100 पर स्थिर रखा जाता है।
  • जैसे-जैसे घरेलू उपभोग पैटर्न विकसित होते हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सूचकांक प्रतिनिधि बना रहे, आधार वर्ष को समय-समय पर अद्यतन किया जाता है।
  • पिछली CPI श्रृंखला (आधार 2012) बढ़ती आय, शहरीकरण, डिजिटलीकरण, सेवाओं के विस्तार और बदलते उपभोग पैटर्न जैसे प्रमुख संरचनात्मक परिवर्तनों के कारण पुरानी हो गई थी।
  • यह संशोधन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की उन सिफारिशों के अनुरूप है जो समय-समय पर CPI टोकरी को अद्यतन करने का सुझाव देते हैं।
  • 2024 CPI श्रृंखला विस्तार घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023–24 पर आधारित है, जो उपभोग भारांक और वर्तमान मूल्य संरचनाओं के बीच तालमेल सुनिश्चित करती है।
  • HCES 2023–24 पर आधारित 2024 की CPI श्रृंखला में कुल वस्तुओं की संख्या 299 से बढ़ाकर 358 कर दी गई है ताकि आधुनिक उपभोग पैटर्न को बेहतर ढंग से दर्शाया जा सके। इसमें वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़कर 308 और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़कर 50 हो गई है।
    • नई शामिल मदों में ओटीटी (OTT) सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस, व्यायाम उपकरण, ग्रामीण आवास किराया आदि हैं जबकि वीसीआर (VCR), कैसेट प्लेयर और अन्य पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे अप्रचलित इलेक्ट्रॉनिक्स को हटा दिया गया है।
  • CPI बास्केट में खाद्य पदार्थों के लिए निर्धारित भारांक लगभग 45.9% से घटकर लगभग 36.75% हो गया है। यह परिवर्तन ‘हेडलाइन मुद्रास्फीति’ पर खाद्य कीमतों की अस्थिरता के प्रभाव को कम करता है।
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