संबंधित पाठ्यक्रम
सामान्य अध्ययन-2: भारतीय संविधान—महत्वपूर्ण प्रावधान; संसद और राज्य विधायिका—संरचना, कार्यप्रणाली, कामकाज की प्रक्रिया का संचालन; शासन व्यवस्था के महत्वपूर्ण पक्ष।
संदर्भ: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को सूचित किया कि पीएम केयर्स निधि, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि (PMNRF) और राष्ट्रीय रक्षा निधि (NDF) से संबंधित संसदीय प्रश्न और मामले लोकसभा नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं हैं।
अन्य संबंधित जानकारी

- प्रधानमंत्री कार्यालय ने तर्क दिया कि इन निधियों की राशि पूरी तरह से जनता के स्वैच्छिक अंशदान से प्राप्त होती है और इनमें भारत की संचित निधि से कोई आवंटन नहीं किया जाता है।
- PMO ने लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 41(2)(viii) और 41(2)(xvii) का हवाला देते हुए तर्क दिया कि ऐसे प्रश्न और चर्चाएं लोकसभा में स्वीकार्य नहीं हैं।
- उल्लेखनीय है कि नियम 41(2) के तहत लोक सभा में प्रश्न पूछने का अधिकार है।
- नियम 41(2) (viii) यह निर्धारित करता है कि “प्रश्न ऐसे विषय से संबंधित नहीं होना चाहिए जिनसे भारत सरकार का सरोकार न हो”।
- नियम 41(2) (xvii) स्पष्ट करता है कि “प्रश्न में ऐसे विषयों को नहीं उठाया जाना चाहिए जो उन निकायों या व्यक्तियों के नियंत्रण में हैं जो प्राथमिक तौर पर भारत सरकार के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं।
- उल्लेखनीय है कि नियम 41(2) के तहत लोक सभा में प्रश्न पूछने का अधिकार है।
पीएम केयर्सनिधि के बारे में
- स्थापना और उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत निधि (PM CARES Fund) की स्थापना 27 मार्च 2020 को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों और अन्य संकटपूर्ण स्थितियों (शुरुआत में COVID-19 महामारी के कारण) से निपटने तथा प्रभावित व्यक्तियों को राहत एवं सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी।
- कानूनी प्रकृति एवं प्रशासन: यह पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत है। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं तथा रक्षा, गृह और वित्त मंत्री इसके पदेन ट्रस्टी (न्यासी) होते हैं।
- वित्तपोषण का स्रोत: यह निधि पूरी तरह से व्यक्तियों, संगठनों और संस्थानों के स्वैच्छिक अंशदान पर आधारित है और इसे सरकार से कोई बजटीय सहायता प्राप्त नहीं होती है।
- कर, CSR एवं विदेशी अंशदान: आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के तहत दान पर 100% कर छूट प्राप्त होती है।
- इसके अतिरिक्त, इस निधि में किए गए अंशदान कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) व्यय के अंतर्गत आते हैं। साथ ही, FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के प्रावधानों के तहत एक निर्दिष्ट खाते के माध्यम से विदेशी अंशदान प्राप्त करने की भी अनुमति है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि(PMNRF)के बारे में
- स्थापना और उद्देश्य: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि (PMNRF) की स्थापना जनवरी 1948 में पाकिस्तान से विस्थापित व्यक्तियों की सहायता के लिए सार्वजनिक योगदान के माध्यम से की गई थी। वर्तमान में, इसका उपयोग मुख्य रूप से प्राकृतिक आपदाओं, बड़ी दुर्घटनाओं और दंगों के पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करने के साथ-साथ कुछ विशिष्ट चिकित्सा सहायता के लिए किया जाता है।
- कानूनी प्रकृति और प्रशासन: इसका गठन संसद द्वारा नहीं किया गया है, बल्कि यह आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त एक ट्रस्ट के रूप में कार्य करता है। यह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संचालित होता है, और इसका संवितरण प्रधानमंत्री के अनुमोदन से किया जाता है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं।
- वित्तपोषण का पैटर्न: यह निधि पूरी तरह से जनता के स्वैच्छिक अंशदान पर आधारित है, इसे कोई बजटीय सहायता प्राप्त नहीं होती है और इसकी राशि को राहत उपायों में उपयोग हेतु बैंकों की सावधि जमा में निवेश किया जाता है।
- कर संरचना: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि (PMNRF) को आयकर से छूट प्राप्त है और इसमें दिए गए अंशदान पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के तहत 100% कटौती की जा सकती है।
राष्ट्रीय रक्षा निधि(NDF)के बारे में
- उद्देश्य एवं लाभार्थी: राष्ट्रीय रक्षा निधि (NDF) का उद्देश्य सशस्त्र बलों (अर्धसैनिक बलों सहित) के सदस्यों और उनके आश्रितों का कल्याण करना है, विशेष रूप से सेवा के दौरान मृत्यु, विकलांगता या संकट की स्थिति में राहत, पुनर्वास और सहायता प्रदान करना है।
- प्रशासन एवं शासन: इस निधि का प्रबंधन एक कार्यकारी समिति द्वारा किया जाता है, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं तथा रक्षा, वित्त और गृह मंत्री इसके सदस्य होते हैं।
- वित्त मंत्री इस निधि के कोषाध्यक्ष होते हैं और इस विषय से संबंधित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संयुक्त सचिव, कार्यकारी समिति के सचिव होते हैं।
- निधि का स्रोत: यह पूरी तरह से जनता के स्वैच्छिक अंशदान के माध्यम से वित्तपोषित होता है और इसे भारत सरकार से कोई बजटीय सहायता प्राप्त नहीं होती है।
- अभिरक्षा एवं खाते: इस निधि के खाते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं, जो औपचारिक वित्तीय प्रबंधन और संवितरण की निगरानी सुनिश्चित करते हैं।
