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सामान्य अध्ययन-2: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, एजेंसियाँ और मंच – उनकी संरचना, अधिदेश।

संदर्भ: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स 2025′ इस तथ्य को रेखांकित करती है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच देशों के मध्य हस्तांतरित प्रमुख हथियारों की वैश्विक मात्रा, पिछले पांच वर्षों की अवधि (2016–20) की तुलना में 9.2 प्रतिशत अधिक थी।

अन्य संबंधित जानकारी

  • रिपोर्ट यह दर्शाती है कि वर्ष 2021–2025 के दौरान वैश्विक हथियार आयात में भारत की हिस्सेदारी 8.2% रही, जिससे यह वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया, जबकि यूक्रेन 9.7% वैश्विक हथियार आयात के साथ पहले स्थान पर रहा।
  • रिपोर्ट इंगित करती है कि भारत के हथियार आयात में 2016 से 2020 तक की पिछली पंचवर्षीय अवधि की तुलना में मामूली गिरावट आई है।
  • यह गिरावट हथियारों के स्वदेशी डिजाइन और विनिर्माण की भारत की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करती है।
  • वर्ष 2021–25 में प्रमुख हथियारों के पांच सबसे बड़े प्राप्तकर्ता यूक्रेन, भारत, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान थे।
  • वर्ष 2021–25 में प्रमुख हथियारों के पांच सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, रूस, जर्मनी और चीन थे।

भारत की हथियार निर्यात प्रवृत्ति

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016-2020 और 2021-2025 के बीच भारत के हथियार आयात में लगभग 4% की गिरावट आई है।
  • यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि भारत ने अपनी घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता में धीरे-धीरे सुधार किया है।
  • रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि घरेलू रक्षा विनिर्माण में अभी भी विलंब होता है, जिससे आयात संबंधी निर्णय प्रभावित होते हैं।
  • रिपोर्ट इस तथ्य पर प्रकाश डालती है कि भारत ने बड़े रक्षा आदेश दिए हैं या उनकी योजना बनाई है, जैसे फ्रांस से लड़ाकू विमान और जर्मनी से पनडुब्बियाँ खरीदने की।
  • ये आदेश संकेत देते हैं कि भारत निकट भविष्य में आंशिक रूप से विदेशी रक्षा आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर बना रहेगा।

भारत को हथियारों की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देश

  • रिपोर्ट में 2021–2025 की अवधि के दौरान रूस, फ्रांस और इज़राइल को भारत के प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ताओं के रूप चिन्हित किया गया है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में भारत के हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
  • रूस की हिस्सेदारी 2011–2015 के दौरान 70% से घटकर 2016–2020 में 51% और 2021–2025 में और कम होकर 40% रह गई है।
  • रिपोर्ट दर्शाती है कि इसी अवधि के दौरान भारत के हथियार आयात में फ्रांस की हिस्सेदारी 29% रही जबकि इज़राइल की हिस्सेदारी 15% रही।
  • यह आँकड़ा पश्चिमी आपूर्तिकर्ताओं की ओर भारत की रक्षा खरीद के क्रमिक विविधीकरण को दर्शाता है।

भारत के हथियार आयात के रणनीतिक चालक

  • रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि भारत का रक्षा आयात चीन और पाकिस्तान से संबंधित सुरक्षा चिंताओं से प्रभावित है।
  • रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि इन पड़ोसी देशों के साथ तनाव के परिणामस्वरूप समय-समय पर सैन्य टकराव की स्थितियाँ उत्पन्न हुई हैं।

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI)के बारे में

  • यह संघर्ष, आयुध, शस्त्र नियंत्रण और निशस्त्रीकरण से संबंधित मुद्दों पर अनुसंधान के लिए समर्पित एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय संस्थान है।
  • SIPRI की स्थापना 1966 में हुई थी, और यह खुले स्रोतों पर आधारित डेटा, विश्लेषण और अनुशंसाएँ प्रदान करता है।
  • SIPRI के प्रकाशन, जैसे कि ‘SIPRI इयरबुक’, वैश्विक स्तर पर नीति-निर्माताओं और विद्वानों के लिए उपयोगी संसाधन हैं।
  • मुख्यालय: स्टॉकहोम, स्वीडन

Source :
Tribune India
Business Standard
Sipri

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