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सामान्य अध्ययन-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
संदर्भ: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने हेतु भारत की एक आधिकारिक यात्रा की।
अन्य संबंधित जानकारी

- प्रधानमंत्री कार्नी द्वारा पदभार ग्रहण करने के पश्चात यह उनकी पहली भारत यात्रा थी और वर्ष 2018 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा भी, जो हालिया राजनयिक तनावों के बाद भारत-कनाडा संबंधों के सामान्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, कृषि, शिक्षा, नवाचार तथा जन-केंद्रित संबंधों में सहयोग पर चर्चा की।
- यह यात्रा कनानास्कि में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन 2025 और जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान हुई उनकी पूर्व मुलाकातों के क्रम में है, जो रणनीतिक विश्वास के पुनर्निर्माण और आर्थिक सहयोग के विस्तार के प्रयासों को सुदृढ़ करती है।
यात्रा के प्रमुख बिंदु
- रणनीतिक विजन और साझेदारी: दोनों नेताओं ने “वसुधैव कुटुंबकम – एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के सिद्धांत के मार्गदर्शन में द्विपक्षीय संबंधों के पुनर्निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- आर्थिक लचीलापन, जलवायु कार्रवाई, नवाचार और हिंद-प्रशांत स्थिरता का समर्थन करने हेतु दो प्रमुख लोकतंत्रों के बीच सहयोग पर बल दिया गया।
- व्यापार और आर्थिक सहयोग: व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर वार्ता के लिए ‘संदर्भ की शर्तों’ पर हस्ताक्षर किए गए।
- वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुदृढ़ करने हेतु ‘भारत-कनाडा सीईओ फोरम’ का पुनर्गठन।
- फिनटेक, भुगतान आधुनिकीकरण और वित्तीय सहयोग पर केंद्रित ‘वित्त मंत्री आर्थिक और वित्तीय संवाद‘ का शुभारंभ।
- ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज साझेदारी: भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और ‘कैमेको’ के बीच दीर्घकालिक यूरैनियम आपूर्ति समझौता।
- सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बनाने हेतु ‘महत्वपूर्ण खनिज सहयोग’ पर समझौता ज्ञापन ।
- परमाणु ऊर्जा, अक्षय ऊर्जा, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, बैटरी भंडारण और विद्युत प्रणालियों में सहयोग का विस्तार।
- कनाडा ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) में शामिल होने और ‘ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस’ में अपनी भागीदारी बढ़ाने की घोषणा की।
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग: ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार (ACITI) साझेदारी के तहत त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन।
- ‘संयुक्त विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग समिति’ का पुन: शुभारंभ।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और हाई-परफार्मेंस कंप्यूटिंग में सहयोग।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और कनाडा की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच अंतरिक्ष सहयोग में वृद्धि।
- शिक्षा, प्रतिभा और अनुसंधान: अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और ‘मिडास’ (Mitacs) के बीच समझौता ज्ञापन, जिसके तहत प्रतिवर्ष लगभग 300 भारतीय छात्र कनाडा में इंटर्नशिप कर सकेंगे।
- कौशल, गतिशीलता और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘संयुक्त प्रतिभा और नवाचार रणनीति’ का शुभारंभ।
- एआई, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों के बीच 24 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर।
- कृषि और खाद्य सुरक्षा: कृषि-प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण और पोषण-संवेदनशील खाद्य प्रणालियों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
- राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (NIFTEM), कुंडली में एक ‘कनाडा-भारत दलहन प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र‘ स्थापित करने का प्रस्ताव।
- सांस्कृतिक और जन-केंद्रित संबंध: कला, विरासत और रचनात्मक उद्योगों में सहयोग विस्तार हेतु सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
- कनाडा नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘भारत ट्राइब्स फेस्टिवल 2026′ (17-30 मार्च) में भाग लेगा।
- सुरक्षा और रक्षा सहयोग: ‘भारत-कनाडा रक्षा संवाद‘ का संस्थागतकरण ।
- आतंकवाद विरोध, संगठित अपराध, साइबर अपराध और आप्रवासन प्रवर्तन में सहयोग।
- हिंद-प्रशांत और बहुपक्षीय सहयोग: एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता।
- भारत ने हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) में संवाद भागीदार के रूप में शामिल होने के कनाडा के हित का समर्थन किया।
- जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और सतत विकास पर वैश्विक संस्थानों में समन्वय हेतु सहमति।
भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंध
| राजनयिक संबंध: | भारत और कनाडा के बीच 75 वर्षों से अधिक के राजनयिक संबंध हैं और दोनों देश गहरे जन-केंद्रित बनाए हुए हैं। वर्ष 2018 में द्विपक्षीय संबंधों को औपचारिक रूप से “रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया गया, जो विदेश नीति, व्यापार और निवेश, वित्त तथा ऊर्जा पर मंत्री-स्तरीय संवाद के माध्यम से संचालित होती है। |
| आर्थिक संबंध: | 2024 मेकनाडा को भारत का निर्यात 8.02 बिलियन कनाडाई डॉलर (CAD) और आयात 5.30 बिलियन CAD रहा। कुल द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 13.32 बिलियन CAD दर्ज किया गया।2025 (जनवरी-सितंबर) में वस्तु व्यापार 9.96 बिलियन CAD रहा (निर्यात: 7.17 बिलियन; आयात: 2.79 बिलियन)।सेवा व्यापार: वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच सेवा व्यापार 19.61 बिलियन CAD तक पहुँच गया।प्रमुख निर्यात: भारत कनाडा को फार्मास्युटिकल उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान, आभूषण, रत्न और कीमती पत्थर, समुद्री उत्पाद (झींगा), इंजीनियरिंग सामान और ऑटोमोबाइल पुर्जों का निर्यात करता है।प्रमुख आयात: भारत कनाडा से खनिज, दलहन, पोटाश, कागज और पेपरबोर्ड, लकड़ी की लुगदी, लोहा एवं एल्यूमीनियम स्क्रैप तथा रत्न आयात करता है। |
| रक्षा और सुरक्षा सहयोग: | ऐतिहासिक रूप से भारत और कनाडा के बीच रक्षा सहयोग सीमित रहा है और द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास विरल रहे हैं।हालांकि, दोनों देशों ने ‘सी ड्रैगन 2023′ जैसे बहुपक्षीय अभ्यासों में एक साथ भाग लिया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया भी शामिल थे।दोनों देश 1997 में स्थापित ‘आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह‘ के माध्यम से सहयोग करते हैं।फरवरी 2018 में हस्ताक्षरित ‘आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने हेतु सहयोग ढांचे’ के माध्यम से सुरक्षा सहयोग का विस्तार किया गया। |
| नागरिक परमाणु सहयोग: | भारत और कनाडा ने जून 2010 में एक परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो सितंबर 2013 में प्रभावी हुआ। अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान, भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग और ‘कैमेको’ (Cameco) ने 2015-2020 की अवधि के लिए यूरेनियम सांद्र (Uranium Ore Concentrate) की आपूर्ति हेतु एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। |
| ऊर्जा सहयोग: | सितंबर 2016 में मंत्री-स्तरीय ऊर्जा संवाद का शुभारंभ किया गया।फरवरी 2018 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान, इस संवाद के दायरे में बिजली, ऊर्जा दक्षता और अक्षय ऊर्जा सहयोग को भी शामिल किया गया। |
| अंतरिक्ष सहयोग: | इसरो (ISRO) की वाणिज्यिक शाखा, एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन ने कई कनाडाई नैनो-उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है।कनाडा का पहला LEO (लो अर्थ ऑर्बिट) उपग्रह जनवरी 2018 में इसरो के 100वें उपग्रह प्रक्षेपण के दौरान PSLV द्वारा प्रक्षेपित किया गया था। |
| विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग: | भारत का पृथ्वी विज्ञान विभाग और ‘पोलर कनाडा’, आर्कटिक और शीत-जलवायु अनुसंधान में सहयोग करते हैं। इस हेतु फरवरी 2020 में NCPOR और पोलर कनाडा के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।भारत का जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT), स्वास्थ्य सेवा, कृषि जैव प्रौद्योगिकी और अपशिष्ट प्रबंधन पर IC-IMPACTS कार्यक्रम के तहत कनाडा के साथ सहयोग करता है। |
| कानूनी समझौते: | भारत और कनाडा ने वर्ष 1994 में ‘पारस्परिक कानूनी सहायता संधि‘ और 1987 में ‘प्रत्यर्पण संधि‘ पर हस्ताक्षर किए। |
| भारतीय प्रवासियों की भूमिका: | कनाडा में लगभग 1.8 मिलियन भारतीय-कनाडाई और लगभग 1 मिलियन अनिवासी भारतीय (NRI) निवास करते हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े भारतीय प्रवासियों में से एक हैं। |
