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सामान्य अध्ययन-2: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

संदर्भ: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2022-23 और 2023-24 के लिए ‘अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण’ (AISHE) की रिपोर्ट जारी की है, जो भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में नामांकन, सकल नामांकन अनुपात (GER), लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन में निरंतर वृद्धि को रेखांकित करती है।

अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) के बारे में

  • यह शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2010–11 में शुरू किया गया एक वार्षिक सर्वेक्षण है। इसका उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र पर व्यापक संस्थान-स्तरीय डेटा एकत्र करना है, जो नीति निर्माण, योजना और निगरानी के लिए आधिकारिक आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है।
  • डेटा ‘उच्च शिक्षा विभाग’ और ‘राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र’ (NIC) द्वारा विकसित एक वेब-आधारित ‘डेटा कैप्चर फॉर्मेट’ (DCF) के माध्यम से एकत्र किया जाता है। इसमें छात्र नामांकन, संकाय (फैकल्टी) और कर्मचारी, बुनियादी ढांचा, परीक्षा परिणाम, अनुसंधान और संस्थान की प्रोफाइल शामिल है।
  • संस्थान स्वेच्छा से स्व-रिपोर्ट किया गया डेटा अपलोड करते हैं, जिसे प्रकाशन से पहले मंत्रालय द्वारा सत्यापित किया जाता है और उसकी जाँच की जाती है।
  • AISHE सकल नामांकन अनुपात (GER), लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) और छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) जैसे प्रमुख संकेतक भी उत्पन्न करता है, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन और निगरानी में सहायता करता है।

AISHE 2023-24 के प्रमुख निष्कर्ष

  • संस्थागत कवरेज: कुल 64,756 पंजीकृत संस्थानों में से 59,553 उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) ने भाग लिया, जो लगभग 92% की भागीदारी दर है।
    • इनमें 1,278 विश्वविद्यालय, 46,468 कॉलेज और 11,787 स्वतंत्र संस्थान शामिल हैं।
  • सकल नामांकन अनुपात (GER): सकल नामांकन अनुपात 2022-23 के 29.5 और 2014-15 के 23.7 से बढ़कर 2023-24 में 30.0 हो गया है।
    • महिला GER 31.2 तक पहुँच गया है, जो लगातार सातवें वर्ष पुरुष GER से अधिक रहा है। वहीं, अनुसूचित जातियों (SCs – 27.8) और अनुसूचित जनजातियों (STs – 22.8) के GER में भी सुधार हुआ है।
  • लैंगिक समानता: लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) 1.08 रहा। यह 2017-18 से 1.0 से ऊपर बना हुआ है, जो उच्च शिक्षा में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की अधिक भागीदारी को दर्शाता है।
  • छात्र नामांकन: कुल छात्र नामांकन रिकॉर्ड 4.50 करोड़ तक पहुँच गया है, जो 2014-15 के बाद से 31.5% की वृद्धि है।
    • महिला नामांकन बढ़कर 2.24 करोड़ (42.2% वृद्धि) हो गया है। स्नातक कार्यक्रमों में कुल नामांकन का 76.8% हिस्सा है, जिसके बाद स्नातकोत्तर कार्यक्रमों (12.9%) का स्थान है।
  • सामाजिक समावेशन: वंचित समूहों का नामांकन बढ़कर 69.72 लाख (SC), 28.83 लाख (ST) और 1.80 करोड़ (OBC) हो गया है।
    • अल्पसंख्यक नामांकन 33.3 लाख तक पहुँच गया है; 2014-15 के बाद से अल्पसंख्यक महिलाओं के नामांकन में 62.9% की वृद्धि हुई है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में 13.2 लाख नामांकन दर्ज किए गए, जहाँ महिला नामांकन पुरुष नामांकन से अधिक रहा।
  • STEM शिक्षा: STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में नामांकन बढ़कर 1.02 करोड़ हो गया है, जो कुल नामांकन का 22.5% है।
    • STEM छात्रों में महिलाओं की हिस्सेदारी 44% है, जो 2014-15 में 38.4% थी।
  • संकाय और शिक्षण कार्यबल: कुल संकाय (फैकेल्टी) संख्या बढ़कर 17.32 लाख हो गई है, जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी 44.9% है।
    • महिला संकाय सदस्यों की संख्या 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 2023-24 में 7.78 लाख हो गई है। छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) नियमित मोड में 22 तथा विश्वविद्यालयों और उनके घटक इकाइयों में 19 रहा।
  • संस्थान प्रोफाइल: भारत में 1,289 पंजीकृत विश्वविद्यालय और 48,246 पंजीकृत कॉलेज हैं, जिनमें 18 महिला विश्वविद्यालय और 19 मुक्त विश्वविद्यालय शामिल हैं।
    • लगभग 70% कॉलेज निजी सहायता-रहित हैं।
  • विदेशी छात्र: भारत में 173 देशों के 58,134 विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं।
    • सबसे अधिक छात्र नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), संयुक्त राज्य अमेरिका, बांग्लादेश, नाइजीरिया और जिम्बाब्वे से हैं।
  • आउट-टर्न (स्नातक): कुल उत्तीर्ण छात्रों की संख्या 1.1 करोड़ से अधिक रही।
    • स्नातक स्तर पर सबसे अधिक उत्तीर्ण छात्र बी.ए, बी.एससी, बी.कॉम और बी.ई./बी.टेक. पाठ्यक्रमों में रहे, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर सबसे अधिक उत्तीर्ण छात्र एम.ए., एम.एससी., एमबीए और एम.कॉम. पाठ्यक्रमों में रहे।

महत्व

  • उच्च शिक्षा का विस्तार: यह पिछले एक दशक में भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली के निरंतर विकास और बढ़ती पहुँच को दर्शाता है।
  • NEP 2020 का कार्यान्वयन: यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उच्च शिक्षा में पहुँच, समानता और गुणवत्ता में सुधार के लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति को प्रदर्शित करता है।
  • समावेशी विकास: महिलाओं, अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के बीच बढ़ता GER (सकल नामांकन अनुपात) और नामांकन, बेहतर शैक्षिक समावेशन और सामाजिक समानता का संकेत देता है।
  • लैंगिक सशक्तिकरण: उच्च महिला भागीदारी और 1 से ऊपर का लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) उच्च शिक्षा में बेहतर लैंगिक प्रतिनिधित्व को उजागर करता है।
  • STEM कार्यबल: STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में बढ़ता नामांकन, विशेष रूप से महिलाओं के बीच, भारत के भविष्य के वैज्ञानिक, तकनीकी और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को मजबूत करता है।
  • साक्ष्य-आधारित शासन: AISHE नीति निर्माण, संसाधनों के आवंटन, संस्थागत नियोजन और उच्च शिक्षा क्षेत्र की निगरानी के लिए विश्वसनीय डेटा प्रदान करता है।

Sources :
PIB
DD India
Unity
DOHE
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