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सामान्य अध्ययन-3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण।

संदर्भ: हाल ही में स्वच्छ वायु दिवस 2026 (7 सितंबर) के अवसर पर 5वें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों के माध्यम से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को सम्मानित किया गया।

अन्य संबंधित जानकारी

  • NCAP के 130 शहरों ने 2026 के मूल्यांकन में भाग लिया। इन शहरों को तीन जनसंख्या-आधारित श्रेणियों में विभाजित किया गया: 10 लाख से अधिक, 3–10 लाख और 3 लाख से कम।
  • वार्ड-स्तरीय मूल्यांकन में 7,400 से अधिक वार्डों को शामिल किया गया, जिससे वायु गुणवत्ता प्रबंधन में बॉटम अप दृष्टिकोण को मजबूती मिली।
  • 10 राष्ट्रीय-स्तरीय वार्ड पुरस्कारों के अतिरिक्त, 23 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 69 वार्डों (प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश से तीन) को राज्य/केंद्रशासित प्रदेश स्तर पर भी सम्मानित किया गया।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण को समझना

  • प्रकृति: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत 130 शहरों का वार्षिक मूल्यांकन है, जिसे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा 2022–23 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए शहरों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार और त्वरित कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
  • श्रेणियाँ: शहरों को जनसंख्या के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है— श्रेणी I (>10 लाख), श्रेणी II (3–10 लाख) और श्रेणी III (<3 लाख)।
  • मूल्यांकन के मानदंड: इस ढाँचे के तहत सड़क की धूल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) अपशिष्ट, DG सेट और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों जैसे अन्य उत्सर्जन तथा IEC गतिविधियों से संबंधित उपायों का मूल्यांकन किया जाता है।
  • मूल्यांकन प्रक्रिया: शहरों द्वारा स्व-मूल्यांकन किया जाता है, जिसके बाद राज्य-स्तरीय निगरानी समिति द्वारा जाँच, CPCB द्वारा मूल्यांकन और अंतिम रैंकिंग से पहले स्वतंत्र समितियों द्वारा क्षेत्रीय सत्यापन किया जाता है।
  • मुख्य अंतर: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण मुख्य रूप से वायु प्रदूषण को कम करने और उसके प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों का मूल्यांकन करता है, न कि केवल परिवेशी वायु गुणवत्ता के आधार पर शहरों को रैंक देता है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के प्रमुख निष्कर्ष

  • शहर की रैंकिंग
  •  राष्ट्रीय वार्ड रैंकिंग
    • श्रेणी I (>30,000 जनसंख्या): लखनऊ वार्ड 70 – प्रथम; भोपाल वार्ड 60 – द्वितीय; नासिक वार्ड 7 – तृतीय
    • श्रेणी II (10,000–30,000): भुवनेश्वर वार्ड 36 और 30 – संयुक्त प्रथम; विजयवाड़ा वार्ड 60 – द्वितीय; इलाहाबाद वार्ड 31 – तृतीय
    • श्रेणी III (<10,000): राउरकेला वार्ड 13 – प्रथम; नलगोंडा वार्ड 16 – द्वितीय; नागांव वार्ड 8 – तृतीय
  • NCAP परिणाम
    • 130 में से 108 शहरों ने 2017–18 के आधार वर्ष की तुलना में वित्त वर्ष 2025–26 में PM10 के स्तर में सुधार दर्ज किया।
    • 72 शहरों ने 20% से अधिक की कमी हासिल की, जबकि 26 शहरों में 40% से अधिक की कमी दर्ज की गई।
    • वित्त वर्ष 2025–26 में 14 शहरों ने PM10 के लिए NAAQS मानक हासिल किया, जबकि 2017–18 में ऐसे शहरों की संख्या केवल 6 थी।
    • NCAP के तहत वित्त वर्ष 2019–20 से 2025–26 तक 130 शहरों को ₹16,423.55 करोड़ प्रदान किए गए, जिनमें से ₹11,575.54 करोड़ (70.5%) के उपयोग की सूचना PRANA पोर्टल के माध्यम से दी गई है।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के बारे में

  • शुभारंभ एवं कवरेज: जनवरी 2019 में शुरू किया गया NCAP एक बहु-क्षेत्रीय पहल है, जो 24 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 130 शहरों को कवर करता है। इसमें केंद्र एवं राज्य सरकारें, शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) और अन्य हितधारक शामिल हैं।
  • लक्ष्य: इसका मूल लक्ष्य 2017–18 के आधार वर्ष की तुलना में 2024–25 तक PM10 की सांद्रता में 20–30% की कमी लाना था। बाद में इसे संशोधित करके 2025–26 तक PM10 में 40% तक की कमी या 60 µg/m³ के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (NAAQS) को प्राप्त करना किया गया।
  • कार्यान्वयन: शहर-विशिष्ट स्वच्छ वायु कार्य योजनाएँ सड़क/मिट्टी की धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, कचरा जलाने, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) गतिविधियों तथा हरित क्षेत्र जैसे प्रमुख स्रोतों को संबोधित करती हैं। वहीं, राज्य कार्य योजनाएँ स्वच्छ ईंधन और प्रौद्योगिकियों के माध्यम से औद्योगिक प्रदूषण को संबोधित करती हैं।
  • वित्तपोषण: वायु गुणवत्ता के प्रदर्शन से जुड़े वित्तपोषण को 15वें वित्त आयोग के मिलियन-प्लस सिटीज चैलेंज फंड (48 मिलियन-प्लस शहरों) और केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘प्रदूषण नियंत्रण’ (82 गैर-प्राप्ति शहरों) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।
  • निगरानी: PRANA (पोर्टल फॉर रेगुलेशन ऑफ एयर-पोल्यूशन इन नॉन-अटैंनमेंट सिटीज) शहरों की स्वच्छ वायु कार्य योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की निगरानी करता है तथा NCAP के कार्यान्वयन से संबंधित जानकारी प्रसारित करता है।

स्वच्छ वायु दिवस के बारे में

  • अंतर्राष्ट्रीय उत्पत्ति: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2019 में 7 सितंबर को ‘नीले आकाश के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस’ रूप में नामित किया। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
  • भारत में आयोजन: भारत इस दिवस को “स्वच्छ वायु दिवस” के रूप में मनाता है और वैश्विक स्वच्छ वायु अभियान को वायु प्रदूषण से निपटने के भारत के प्रयासों से जोड़ता है।
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