संदर्भ: 

हाल ही में, एम.आई.टी., नान्यतांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के इंजीनियरों ने विभिन्न कंपनियों के साथ मिलकर एक कॉम्पैक्ट और सस्ती जल सीसा पहचान तकनीक विकसित की है।

मुख्य अंश

नई प्रौद्योगिकी: यह नव विकसित प्रणाली है, जिसके दो से तीन वर्षों के भीतर व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयार होने की उम्मीद है।

  • यह एक हाथ में पकड़े जानेवाले उपकरण में लगे चिप-आधारित डिटेक्टर का उपयोग करके, उच्च सटीकता के साथ 1 भाग प्रति बिलियन तक के सीसे के न्यूनतम सान्द्रण का पता लगा सकता है।
  • यह उपकरण पानी की एक बूंद से लगभग तुरंत मात्रात्मक माप उपलब्ध कराता है।

अनुसंधान में सफलता: यह प्रौद्योगिकी फोटोनिक चिप्स और रिंग के आकार के अणुओं का उपयोग करती है (जिन्हें क्राउन ईथर के रूप में जाना जाता है) ताकि सीसा जैसे विशिष्ट आयनों को पकड़ा जा सके।

  • वर्षों के शोध के बाद, शोध दल ने फिशर एस्टरीफिकेशन नामक रासायनिक प्रक्रिया का उपयोग करके आवश्यक आणविक जुड़ाव हासिल किया।

प्रदर्शन और बहुमुखी प्रतिभा: परीक्षण से यह प्रदर्शित हुआ कि चिप पानी में सीसे की मात्रा को एक बिलियन भाग से भी कम की सटीकता के साथ पता लगा सकती है।

  • यह उपकरण विभिन्न जल पीएच (pH) स्तरों पर प्रभावी है तथा समुद्री जल और नल के पानी के नमूनों पर इसका परीक्षण किया गया है।

भावी अनुप्रयोग: सीसा पहचान प्रणाली में जल परीक्षण से परे भी संभावनाएं हैं।

  • इसे कैडमियम, तांबा और रेडियम जैसे अन्य प्रदूषकों का पता लगाने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।
  • इसमें एक कॉम्पैक्ट, हाथ में पकड़ कर रखे जानेवाले उपकरण की परिकल्पना की गई थी जिसे व्यापक, सतत निगरानी के लिए आसानी से तैनात किया जा सके।

इस नवाचार का प्रभाव: यह संभावित सामाजिक प्रभाव पर जोर देता है क्योंकि वर्तमान परीक्षण विधियां महंगी और समय लेने वाली हैं तथा अक्सर सीमित जानकारी प्रदान करती हैं।

वैश्विक मान्यता: विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने अनुसंधान के नवीन दृष्टिकोण और सीसा का पता लगाने और निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव लाने की इसकी क्षमता की सराहना की।

सीसा संदूषण के विवरण

  • सीसा एक विषैली धातु है जो पृथ्वी की सतह पर प्राकृतिक रूप से पाई जाती है।
  • शरीर में सीसा मस्तिष्क, यकृत, गुर्दे, हड्डियों, दांतों और अस्थियों में जमा हो जाता है।
  • रक्त परीक्षण से मानव में सीसे के संपर्क को मापा जाता है; गर्भावस्था के दौरान, हड्डियों में मौजूद सीसे से भ्रूण भी सीसे के संपर्क में आ सकता है।
  • सीसे के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर ज्ञात नहीं है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व भर में 240 मिलियन लोग पीने के पानी में असुरक्षित स्तर के सीसे के संपर्क में हैं, जिससे तंत्रिका संबंधी विकास और समग्र स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
  • 1 मिलियन से अधिक मौतें सीसे के संपर्क में आने के कारण होती हैं।

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