पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती
संदर्भ: 25 सितंबर 2026 को भारत के प्रधानमंत्री ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके एकात्म मानव दर्शन और अंत्योदय के विचारों को रेखांकित किया।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय के बारे में
- जन्म एवं प्रारंभिक जीवन:
- उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नगला चंद्रभान गाँव में हुआ था।
- कम उम्र में ही उन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया और उनका पालन-पोषण उनके मामा ने किया।
- वे पढ़ाई में मेधावी थे और अपनी शिक्षा के दौरान उन्होंने छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कीं।
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव:
- कानपुर के सनातन धर्म कॉलेज में विद्यार्थी जीवन के दौरान वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संपर्क में आए।
- 1942 में, उन्होंने पारंपरिक पेशेवर जीवन अपनाने के बजाय स्वयं को RSS के पूर्णकालिक प्रचारक (संगठनकर्ता) के रूप में समर्पित करने का निर्णय लिया।
- राजनीतिक जीवन:
- 1951 में, जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, तब दीन दयाल उपाध्याय उत्तर प्रदेश इकाई के प्रथम महासचिव बने।
- बाद में उन्होंने अखिल भारतीय महासचिव के रूप में कार्य किया और पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 1953 में डॉ. मुखर्जी के निधन के बाद, उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक पार्टी के विस्तार का नेतृत्व किया।
- दिसंबर 1967 में उन्हें भारतीय जनसंघ का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
- 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय रेलवे स्टेशन (अब दीन दयाल उपाध्याय नगर के नाम से जाना जाता है) के निकट रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया।
प्रमुख कृतियाँ एवं बौद्धिक योगदान
- एकात्म मानववाद:
- उनका प्रमुख दार्शनिक सिद्धांत था, जिसे उन्होंने 1965 में व्याख्यानों की एक श्रृंखला के माध्यम से प्रस्तुत किया।
- उन्होंने भारतीय संस्कृति पर आधारित एक स्वदेशी सामाजिक-आर्थिक मॉडल का प्रस्ताव रखा।
- उन्होंने पश्चिमी पूँजीवाद और मार्क्सवादी समाजवाद, दोनों को अस्वीकार किया।
- यह दर्शन चार पुरुषार्थों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष पर आधारित था तथा मानव के समग्र विकास पर बल देता था।
- अन्य कृतियाँ:
- पॉलिटिकल डायरी — समकालीन राजनीति पर उनके विचारों का संकलन।
- द टू प्लान्स— भारत की पंचवर्षीय योजनाओं की आलोचना।
- सम्राट चंद्रगुप्त और आदि शंकराचार्य जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर लेखन।
- राष्ट्रवादी विचारों के प्रसार के लिए वे राष्ट्र धर्म, पांचजन्य और स्वदेश जैसे प्रकाशनों से जुड़े रहे।
- दार्शनिक दृष्टिकोण:
- उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा का समर्थन किया, जिसके अनुसार समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण शासन की सफलता का प्रमुख आधार होना चाहिए।
- उन्होंने भौतिक प्रगति और आध्यात्मिक मूल्यों के बीच संतुलन पर बल दिया।
- उन्होंने विकेंद्रीकृत शासन व्यवस्था का समर्थन किया, जिसमें गाँव को शासन की मूल इकाई माना गया।
- उन्होंने आत्मनिर्भरता तथा भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप आर्थिक नीतियों को बढ़ावा दिया।
- विरासत और समकालीन प्रासंगिकता
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय को आधुनिक भारतीय राजनीतिक चिंतन के प्रमुख विचारकों में से एक माना जाता है, जिनका संबंध सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से रहा है।
- उनका एकात्म मानववाद का दर्शन आज भी नीतिगत चर्चाओं को प्रभावित करता है, विशेष रूप से समावेशी विकास, विकेंद्रीकरण और नैतिक शासन से संबंधित विमर्शों में।
- उनका जीवन संगठनात्मक कार्य के प्रति समर्पण, वैचारिक स्पष्टता और राष्ट्र-प्रथम राजनीति का प्रतीक माना जाता है।
एफसीवी तंबाकू उत्पादकों के लिए ब्याज-मुक्त कार्यशील पूंजी सहायता
संदर्भ: केंद्र सरकार ने ब्याज-मुक्त कार्यशील पूंजी सहायता योजना के तहत आंध्र प्रदेश के फ्ल्यू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू उत्पादकों के लिए प्रति बार्न ₹50,000 की एकमुश्त, ब्याज-मुक्त कार्यशील पूंजी सहायता को मंजूरी दी है। इससे लगभग 44,000 तंबाकू उत्पादक लाभान्वित होंगे और लगभग ₹220 करोड़ का वित्तीय हस्तक्षेप किया जाएगा।
फ्ल्यू-क्योर्ड वर्जीनिया (FCV) तंबाकू के बारे में
- FCV तंबाकू, जिसे वर्जीनिया या ब्राइट लीफ तंबाकू भी कहा जाता है, एक प्रीमियम तंबाकू किस्म है। इसे बंद बार्नों में फ्ल्यू (नलिकाओं) के माध्यम से अप्रत्यक्ष ऊष्मा देकर सुखाया जाता है, जिसमें पत्तियों का धुएँ के सीधे संपर्क में आना नहीं होता।
- इससे चमकीले सुनहरे-पीले रंग की पत्तियाँ प्राप्त होती हैं। इसमें शर्करा की मात्रा अधिक और स्वाद हल्का होता है, जिसके कारण यह सिगरेट निर्माण में उपयोग होने वाला प्रमुख तंबाकू है।
- भारत में FCV तंबाकू की खेती मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में नियंत्रित उत्पादन प्रणाली के अंतर्गत की जाती है।
- भारत FCV तंबाकू का विश्व का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है। इससे आगे चीन, ब्राजील और जिम्बाब्वे हैं।
- यह फसल विदेशी मुद्रा अर्जन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है तथा हजारों किसानों और श्रमिकों की आजीविका का समर्थन करती है।
- सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को तत्काल नकदी उपलब्ध कराना, घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने, संस्थागत ऋण चुकाने, आगामी फसल मौसम के लिए कृषि आदानों की खरीद करने तथा निजी उधारी पर निर्भरता कम करने में सहायता देना है।
- आंध्र प्रदेश में 2025–26 फसल मौसम के लिए तंबाकू की नीलामी 25 मार्च 2026 को शुरू हुई थी। अब तक लगभग 10 करोड़ किलोग्राम (100 मिलियन किलोग्राम) FCV तंबाकू की नीलामी की जा चुकी है।
तंबाकू बोर्ड के बारे में
- तंबाकू बोर्ड एक सांविधिक निकाय है, जिसकी स्थापना तंबाकू बोर्ड अधिनियम, 1975 के तहत की गई है। यह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- यह FCV तंबाकू की खेती को विनियमित करता है। इसके अंतर्गत वार्षिक फसल का आकार निर्धारित करना तथा किसानों और तंबाकू सुखाने वाले बार्नों का पंजीकरण करना शामिल है।
- यह निर्यात को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों को समर्थन देने तथा तंबाकू उत्पादकों के लिए कल्याणकारी उपायों को लागू करने का कार्य करता है।
- FCV तंबाकू का विपणन बोर्ड के इलेक्ट्रॉनिक नीलामी प्लेटफॉर्मों के माध्यम से किया जाता है। इससे पारदर्शी मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता-आधारित खरीद तथा पंजीकृत किसानों और खरीदारों की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म
संदर्भ: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी को उपभोक्ताओं के लिए एक दृश्य और सत्यापन योग्य विशेषता बनाना है।
डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म के बारे में
- DCR प्लेटफॉर्म एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली है, जो आवासीय, वाणिज्यिक, सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों की डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग प्रदान करती है।
- यह संपत्ति प्रबंधकों, पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (DCRAs) और उपभोक्ताओं को एक साझा मंच पर लाता है।
- उपभोक्ता नाम, प्रमाणपत्र आईडी या स्थान के आधार पर रेट की गई संपत्तियों को खोज सकते हैं, उनकी रेटिंग की तुलना कर सकते हैं तथा QR कोड के माध्यम से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर सकते हैं।
- रेटिंग प्रणाली में फाइबर-रेडीनेस, मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, भवन के भीतर कनेक्टिविटी समाधान और वाई-फाई अवसंरचना का आकलन किया जाता है।
- एक समर्पित DCRA मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्थल पर मूल्यांकन तथा भवन के भीतर कनेक्टिविटी का मापन किया जा सकता है।
- यह प्लेटफॉर्म आवेदन जमा करने, मूल्यांकन, रिपोर्ट तैयार करने, प्रमाणन, ऑनलाइन भुगतान, ई-साइन, अलर्ट तथा अभिलेखों के सुरक्षित भंडारण जैसी सुविधाओं को भी उपलब्ध कराता है।
नियामक ढाँचा
- यह प्लेटफॉर्म भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) (डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग) विनियम, 2024 के कार्यान्वयन को सुगम बनाता है, जिन्हें मई 2026 में संशोधित किया गया था। साथ ही, यह जून 2026 में जारी रेटिंग मैनुअल 2026 के कार्यान्वयन में भी सहायक है।
- यह ढाँचा निर्मित और निर्माणाधीन, दोनों प्रकार की संपत्तियों पर लागू होता है तथा इसका उद्देश्य संपत्ति प्रबंधकों को विकास के उपयुक्त चरण में ही डिजिटल कनेक्टिविटी अवसंरचना की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के बारे में
- TRAI की स्थापना 20 फरवरी 1997 को TRAI अधिनियम, 1997 के तहत भारत के दूरसंचार क्षेत्र को विनियमित करने तथा इसके विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
- यह निष्पक्ष और पारदर्शी नियामक वातावरण को बढ़ावा देता है तथा दूरसंचार सेवाओं, शुल्क, इंटरकनेक्शन और सेवा की गुणवत्ता से संबंधित विनियम, आदेश और निर्देश जारी करता है।
ZT लालरिथांगी को FAO की 100 महिला नायिकाओं की मान्यता
संदर्भ: दक्षिण मिजोरम के लॉन्गतलाई जिले के सांगाऊ गाँव की स्ट्रॉबेरी उत्पादक ZT लालरिथांगी को खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के “कृषि-खाद्य प्रणालियों और ग्रामीण विकास में 100 महिला नायिकाएँ” सम्मान के लिए दुनिया भर की 100 महिलाओं में चुना गया है।
मान्यता के बारे में
- यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। 131 देशों से प्राप्त 600 से अधिक नामांकनों में से भारत की दो महिलाओं का चयन किया गया है, जिनमें लालरिथांगी भी शामिल हैं। उन्हें 12 से 16 अक्टूबर तक इटली के रोम स्थित FAO मुख्यालय में आयोजित होने वाले विश्व खाद्य मंच (World Food Forum) कार्यक्रम में सम्मान प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
- FAO ने लालरिथांगी का चयन स्ट्रॉबेरी की खेती के प्रति उनके समर्पण तथा कृषि एवं ग्रामीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, उत्साह और निरंतर प्रयासों के लिए किया है।
- FAO ने उनके प्रयासों को इस क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए एक उदाहरण बताया है।
- वह कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के साथ मिलकर स्ट्रॉबेरी के जूस के उत्पादन पर भी कार्य कर रही हैं।
- वह यह सम्मान प्राप्त करने वाली पहली मिजो महिला हैं।
- इससे पहले उन्हें हॉर्टी फेयर, मिजोरम 2026 में लॉन्गतलाई जिले की सर्वश्रेष्ठ किसान के रूप में सम्मानित किया गया था।
महत्त्व
- महिला किसानों के कृषि-खाद्य प्रणालियों और ग्रामीण विकास में योगदान को रेखांकित करता है।
- स्ट्रॉबेरी की खेती की लाभदायक ग्रामीण आजीविका के रूप में संभावनाओं को प्रदर्शित करता है।
- कृषि आय बढ़ाने में मूल्य संवर्धन के महत्त्व को रेखांकित करता है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में महिला-नेतृत्व वाले कृषि उद्यमिता की भूमिका को प्रदर्शित करता है।
