संदर्भ: बिहार सरकार ने 17 अगस्त 2026 से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू करने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं संस्थागत शिकायतों के पंजीकरण के लिए एकल डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराना है, जिनके समाधान के लिए 30 दिनों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रमुख विशेषताएँ
- विद्यार्थी विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों, परीक्षाओं एवं शैक्षणिक प्रशासन से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
- सरकार ने पंजीकृत शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है।
- यदि निर्धारित अवधि के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री की निगरानी में प्रत्येक माह सहयोग शिविर आयोजित किए जा सकते हैं।
- यह पहल बिहार के मौजूदा सहयोग पोर्टल से प्रेरित प्रतीत होती है, जो जन शिकायत निवारण के लिए डिजिटल माध्यम प्रदान करता है।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इसकी घोषणा की।

BCG वैक्सीन और अल्जाइमर रोग अनुसंधान
संदर्भ: हाल ही में किए गए एक छोटे नैदानिक अध्ययन से पता चलता है कि BCG वैक्सीन, जिसका मुख्य रूप से तपेदिक के खिलाफ उपयोग किया जाता है, जन्मजात प्रतिरक्षा कोशिकाओं को फिर से सक्रिय कर सकता है और अल्जाइमर से संबंधित एमिलॉयड बायोमार्कर को प्रभावित कर सकता है।
प्रमुख निष्कर्ष
- शोधकर्ताओं ने 55 वर्ष और उससे अधिक आयु के 23 वयस्कों को शामिल करते हुए दो एक वर्षीय, ओपन-लेबल नैदानिक अध्ययन किए : 12 ऐसे वयस्क थे जिनमें अल्जाइमर से संबंधित कोई विकृति नहीं थी और 11 ऐसे वयस्क थे जिनमें यह विकृति थी।
- प्रतिभागियों को एक महीने के अंतराल पर बीसीजी की दो खुराकें दी गईं।
बीसीजी क्या है?
- BCG का पूर्ण रूप बैसिलस कैलमेट–ग्यूरिन है।
- यह माइकोबैक्टीरियम बोविस से विकसित एक जीवित कमजोर वैक्सीन है।
- इसका मुख्य उपयोग बच्चों में तपेदिक के गंभीर रूपों की रोकथाम के लिए किया जाता है। इसका उपयोग गैर-मांसपेशी-आक्रामक मूत्राशय कैंसर के उपचार में मूत्राशय के भीतर दी जाने वाली प्रतिरक्षा चिकित्सा के रूप में भी किया जाता है।
- रोग-विशिष्ट सुरक्षा के अलावा, बीसीजी प्रशिक्षित प्रतिरक्षा उत्पन्न कर सकता है, जिसमें चयापचय एवं एपिजेनेटिक परिवर्तनों के माध्यम से जन्मजात प्रतिरक्षा कोशिकाओं का दीर्घकालिक कार्यात्मक पुनर्संयोजन होता है।
अल्जाइमर रोग से संबंध
- अल्जाइमर रोग एक प्रगतिशील तंत्रिका अपक्षयी विकार है और यह मनोभ्रंश का सबसे सामान्य कारण है। यह निम्नलिखित से जुड़ा है:
- न्यूरॉन्स के बाहर एमिलॉयड-बीटा प्लाक का संचय।
- न्यूरॉन्स के भीतर टाऊ न्यूरोफिब्रिलरी टेंगल्स।
- दीर्घकालिक तंत्रिका सूजन, सिनैप्टिक क्षति और प्रगतिशील तंत्रिका क्षति।
महत्त्व
- पुनःउपयोग की संभावना: बीसीजी कम लागत वाला, व्यापक रूप से परिचित टीका है और इसके स्वीकृत उपयोगों में इसका दीर्घ सुरक्षा रिकॉर्ड है।
- अनुसंधान की नई दिशा: यह निष्कर्ष प्रतिरक्षा विनियमन तथा प्रशिक्षित प्रतिरक्षा की भूमिका को तंत्रिका अपक्षयी रोगों में आगे अध्ययन करने का आधार प्रदान करता है।
- प्रारंभिक हस्तक्षेप संबंधी अंतर्दृष्टि: जिन प्रतिभागियों में बीमारी से संबंधित विकृति मौजूद थी और जिनमें नहीं थी, उनके बीच अंतर यह संकेत देता है कि हस्तक्षेप का समय महत्वपूर्ण हो सकता है।
- बायोमार्कर-आधारित अनुसंधान: यह बड़े नैदानिक परीक्षण शुरू करने से पहले तंत्रों का अध्ययन करने में सेरेब्रोस्पाइनल द्रव और रक्त बायोमार्करों के महत्व को दर्शाता है।
स्वतंत्रता दिवस 2026 वीरता पुरस्कार
संदर्भ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी, जिनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं।
पुरस्कार विवरण

- बार का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को पहले से ही वही सम्मान प्राप्त होने के बाद दोबारा प्रदान किया जा रहा है।
प्रमुख पुरस्कार विजेता
- कीर्ति चक्र: 21 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के लेफ्टिनेंट कर्नल मानेओ फ्रांसिस, 2 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर जितेंद्र राठी और 2 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के हवलदार गजेंद्र सिंह को मरणोपरांत यह सम्मान प्राप्त हुआ। छह CAPF कर्मियों को भी मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।
- शौर्य चक्र के लिए बार: मेजर आदित्य प्रताप सिंह।
- शौर्य चक्र: पुरस्कार पाने वालों में मेजर परमवीर, मेजर तरूण वासुदेवन, मेजर केशव कुमार, मेजर गौरव सिंह बृजवाल, नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, हवलदार जगतार सिंह, लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार और स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार शामिल हैं।
- सेना पदक (वीरता): इस पदक के प्राप्तकर्ताओं में राष्ट्रीय राइफल्स, पैरा और विशेष बल इकाइयों, असम राइफल्स, गोरखा राइफल्स, ग्रेनेडियर्स, डोगरा रेजिमेंट और मराठा लाइट इन्फैंट्री के कर्मी शामिल हैं।
वीरता पुरस्कार
- शांति काल में वीरता पुरस्कार
- अशोक चक्र: शांति काल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार; युद्धक्षेत्र से दूर सबसे असाधारण वीरता, असाधारण साहस या आत्म-बलिदान के लिए प्रदान किया जाता है।
- कीर्ति चक्र: वरीयता क्रम में दूसरा; युद्धक्षेत्र से दूर असाधारण वीरता के लिए प्रदान किया जाता है।
- शौर्य चक्र: वरीयता क्रम में तीसरा; युद्धक्षेत्र से दूर वीरता के लिए प्रदान किया जाता है।
- ये पुरस्कार सैन्य कर्मियों, CAPF कर्मियों, पुलिस कर्मियों और नागरिकों को प्रदान किए जा सकते हैं।
- इनकी घोषणा वर्ष में दो बार की जाती है: गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर।
- युद्धकालीन वीरता पुरस्कार
- परम वीर चक्र: युद्धकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार; शत्रु की उपस्थिति में असाधारण साहस या आत्मबलिदान के लिए प्रदान किया जाता है ।
- महावीर चक्र: वरीयता क्रम में दूसरा; शत्रु की उपस्थिति में असाधारण वीरता के कार्यों के लिए प्रदान किया जाता है ।
- वीर चक्र: यह वरीयता क्रम में तीसरा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। यह शत्रु की उपस्थिति में प्रदर्शित वीरता के लिए प्रदान किया जाता है।

