संदर्भ    

कीपइटऑन गठबंधन (KeepItOn Coalition) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक इंटरनेट शटडाउन हुआ। यह लगातार छठा वर्ष है, जब भारत इंटरनेट शटडाउन के मामले में शीर्ष पर है।

रिपोर्ट से संबंधित अन्य प्रमुख जानकारी    

इंटरनेट शटडाउन की रिकॉर्ड संख्या: ‘एक्सेस नाउ एंड कीपइटऑन गठबंधन (Access Now and the KeepItOn Coalition)’, डिजिटल अधिकारों पर केंद्रित एक गैर-लाभकारी संगठन, की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्ष 2023 में 116 बार इंटरनेट शटडाउन किया गए है।

  • यह वैश्विक स्तर पर पर हुए कुल 283 शटडाउन का 41 प्रतिशत है। 

क्षेत्रीय स्तर पर शटडाउन में वृद्धि: इस रिपोर्ट में स्थानीय शटडाउन के बजाय क्षेत्रीय शटडाउन की प्रवृत्ति का संकेत दिया गया है, जिसमें 64 बार इंटरनेट शटडाउन के आदेश  से एक ही राज्य या क्षेत्र के कई जिलें प्रभावित हुए हैं।

  • इसमें मणिपुर में 47 बार इंटरनेट शटडाउन तथा पंजाब में राज्यव्यापी बंद शामिल थे।
  • इस रिपोर्ट में मणिपुर में हुए इंटरनेट बंद के कारण महिलाओं पर पड़े गंभीर प्रभाव को रेखांकित किया गया है, जिसके कारण बंद के दौरान हुए हत्या, व्यभिचार और आगजनी जैसी अत्याचारों का दस्तावेजीकरण करना और जवाबदेही निर्धारित करना कठिन हो गया।
  • जम्मू और कश्मीर में होने वाले इंटरनेट शटडाउन की संख्या वर्ष 2022 के 49 से घटकर 2023 में 17 हो जाएगा।

आदेशों का असंगत रूप से जारी होना: इस रिपोर्ट में उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के बावजूद इंटरनेट बंद करने के आदेशों को असंगत रूप से जारी करने की आलोचना की गई।

  • पाँच दिनों से अधिक समय तक चलने वाले इंटरनेट शटडाउन वर्ष 2022 के 15 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2023 में 41 प्रतिशत से अधिक हो जाएंगे।

हाशिए पर रहने वाले समूहों पर प्रभाव: यह रिपोर्ट इस विवादास्पद उपाय के व्यापक उपयोग को रेखांकित करते हुए हाशिए पर रहने वाले समूहों पर इसके असंगत प्रभावों तथा अत्याचारों को रोकने में इसकी भूमिका को सामने लाती है।

  • इसके अतिरिक्त, प्राधिकारणों द्वारा विरोध प्रदर्शनों, परीक्षाओं, चुनावों और सांप्रदायिक हिंसा के दौरान बंद के लिए आदेश जारी किया जाता रहा हैं।

मुख्य कारण: एक्सेस नाउ एंड कीपइटऑन गठबंधन के अनुसार, वर्ष 2023 में वैश्विक इंटरनेट शटडाउन का मुख्य कारण संघर्ष था।

  • संघर्ष के दौरान इंटरनेट शटडाउन से हताशा, भय और घबराहट बढ़ती है, मानव-जीवन खतरे में पड़ता है, मानवीय सहायता में अवरोध उत्पन्न होती है, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा अवरुद्ध होती है, तथा युद्ध अपराधों को दर्ज करने में व्यवधान उत्पन्न होती है।
  • फरवरी, 2023 में चुनाव के पश्चात हुए हिंसा के कारण नागालैंड के किफिरे (Kiphire) जिले में इंटरनेट बंद कर दिया गया था।

अर्थव्यवस्था पर प्रभाव: इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इंटरनेट शटडाउन के कारण देश को 1.9 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है और इसके परिणामस्वरूप केवल 2023 की पहली छमाही में विदेशी निवेश में 118 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।

इंटरनेट सोसाइटी नेटलॉस कैलकुलेटर (Internet Society’s NetLoss Calculator) का संदर्भ देते हुए इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक दिन का इंटरनेट शटडाउन भारत में 379 लोगों को बेरोजगार बना सकता है।

वैश्विक संदर्भ: म्यांमार ने 37 इंटरनेट शटडाउन के आदेशों के साथ, वर्ष 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद दूसरे सबसे अधिक शटडाउन करने वाला देश बना था, इसके बाद ईरान (34), फिलिस्तीन (16) और यूक्रेन (8) का स्थान था।

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