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सामान्य अध्ययन-2: सरकारी नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप, उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन से संबंधित विषय।
संदर्भ: हाल ही में, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत ‘राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026’ अधिसूचित किए। ये नियम भारत में खेल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अन्य संबंधित जानकारी
- इस अधिनियम को 1 जनवरी से आंशिक रूप से लागू कर दिया गया है और राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को अपनी उप-विधि में संशोधन करने के लिए छह महीने का समय दिया गया है ताकि उन्हें नए कानून के अनुरूप बनाया जा सके।
- नियमों में ‘उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों’ (SOMs) को शामिल करने और ‘आम निकाय’ एवं ‘कार्यकारी समिति’ के गठन के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रावधान है।
- ये नियम केंद्र सरकार को अधिकार देते हैं कि किसी राष्ट्रीय खेल निकाय से आवेदन प्राप्त होने पर, सुचारू संक्रमण सुनिश्चित करने हेतु वह 12 महीने की अवधि के लिए प्रावधानों में छूट दे सकती है।
राष्ट्रीय खेल प्रशासन नियम, 2026के प्रमुख प्रावधान

- उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ी (SOMs): ये नियम राष्ट्रीय खेल निकायों की आम सभा में कम से कम चार SOMs को शामिल करने का प्रावधान करते हैं।
- आम सभा में महिला SOMs का प्रतिनिधित्व: नियम विशेष रूप से आम सभा में 50% महिला SOMs की भागीदारी का प्रावधान करते हैं।
- राष्ट्रीय खेल निकायों की कार्यकारी समिति: राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत कार्यकारी समिति में कम से कम चार महिलाओं का अनिवार्य प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए, नियमों में यह प्रावधान है कि राष्ट्रीय खेल निकाय अपनी उप-विधि के माध्यम से कार्यकारी समिति में महिलाओं के लिए विशिष्ट पद आरक्षित करें।
- SOMs के लिए पात्रता मानदंड: उसकी (पुरुष/महिला) न्यूनतम आयु पच्चीस वर्ष होनी चाहिए और वह खेलों में सक्रिय न हो।
- SOMs ने आवेदन की तिथि से कम से कम एक वर्ष पहले तक किसी भी ऐसी प्रतिस्पर्धी खेल प्रतियोगिता में भाग न लिया हो, जो जिला, राज्य या भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने जाने का मार्ग प्रशस्त करती हो।
- 10 टियर मानदंड: ये विभिन्न राष्ट्रीय निकायों में SOMs के वर्गीकरण और चयन के लिए हैं:
- टियर 1 उन लोगों के लिए है जिन्होंने ओलंपिक में पदक जीते हैं, जबकि टियर 2 कम से कम दो ओलंपिक में भाग लेने वालों के लिए है, और टियर 3 उन लोगों के लिए है जिन्होंने एक ओलंपिक में भाग लिया है।
- टियर 4 से 9 अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व से संबंधित हैं।
- अंतिम टियर 10 उन लोगों के लिए है, जिन्होंने राष्ट्रीय खेलों या राष्ट्रीय चैंपियनशिप या समकक्ष प्रतियोगिता में कम से कम एक स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक जीता हो या समकक्ष स्थान प्राप्त किया हो।
- चयन की प्रक्रिया:
- चुनाव की समयसीमा: चुनाव अनिवार्य रूप से ‘कार्यकारी समिति के कार्यकाल की समाप्ति से कम से कम 30 दिन पहले’ और चुनाव की घोषणा के 21 दिनों के भीतर कराए जाने चाहिए।
- निर्वाचक निकाय: सभी चुनाव ‘राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल’ द्वारा उपलब्ध कराए गए एक निर्वाचन अधिकारी द्वारा संपन्न कराए जाएंगे और इस पैनल में कम से कम 20 सदस्य होने चाहिए।
- निर्वाचक अधिकारी का शुल्क: इसका निर्णय राष्ट्रीय खेल निकाय द्वारा निर्वाचन अधिकारी के साथ आपसी बातचीत के आधार पर लिया जाएगा। शुल्क की अधिकतम राशि 5 लाख रुपये होगी।
- संस्थागत समितियाँ: सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) को अपनी उप-विधि में एक ‘एथलीट समिति’, एक ‘नैतिकता समिति’ और एक ‘विवाद निवारण समिति’ गठित करने के प्रावधान शामिल करने चाहिए।
- अयोग्यता की शर्तें: कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय खेल निकाय की आम सभा या किसी भी समिति का सदस्य बनने के लिए अयोग्य और कार्यकारी समिति या एथलीट समिति के चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं होगा, यदि वह व्यक्ति—
- लागू कानून के तहत दिवालिया घोषित किया गया हो।
- भारत में संबंधित क्षेत्राधिकार वाली अदालत द्वारा किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, और उसके बाद कारावास की सजा सुनाई गई हो।
नियमों का महत्त्व
- बेहतर खेल प्रशासन: ये नियम स्पष्ट दिशा-निर्देशों के माध्यम से राष्ट्रीय खेल महासंघों में पारदर्शिता, जवाबदेही और एकरूपता को बढ़ावा देते हैं।
- लैंगिक विविधता: आम सभा में महिला SOMs का अनिवार्य 50% प्रतिनिधित्व एक अधिक समावेशी खेल ढाँचा सुनिश्चित करता है।
- नैतिक निगरानी: एथलीट समिति, नैतिकता समिति और विवाद निवारण समिति की शर्त राष्ट्रीय खेल महासंघों में सत्यनिष्ठा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है।
- एथलीट-केंद्रित प्रशासन: SOMs के शामिल होने से खेल प्रशासन अधिक पारदर्शी, खिलाड़ियों की जरूरतों को समझने वाला और विश्वसनीय बनता है।
Source :
PIB
Indian Express
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