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सामान्य अध्ययन-2: भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले क्षेत्रीय समूह और करार।

सामान्य अध्ययन -3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास और रोजगार से संबंधित विषय।

संदर्भ: हाल ही में, भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने नई दिल्ली में एक संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने के साथ ही ‘व्यापक मुक्त व्यापार समझौते’ के लिए औपचारिक वार्ता की शुरूआत की।

अन्य संबंधित जानकारी

• संयुक्त वक्तव्य पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने हस्ताक्षर किए।

• यह फरवरी 2026 की शुरुआत में हस्ताक्षरित ‘संदर्भ की शर्तों’ के बाद जारी किया गया है, जो औपचारिक वार्ताओं के लिए रूपरेखा निर्धारित करता है।

• वार्ता के अंतर्गत वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, मूल स्थान के नियम और विवाद निपटान को कवर किया जाएगा। यह भारत-यूएई (2022) जैसे पूर्व द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के अनुभव पर आधारित होगा।

• यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आपूर्ति-श्रृंखला पुनर्संरेखण के बीच उठाया गया है, जो पश्चिम एशिया में रणनीतिक व्यापारिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के भारत के प्रयास को दर्शाता है।

भारत–खाड़ी सहयोग परिषद व्यापार संबध

• GCC भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार ब्लॉक है, जिसके साथ वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 178.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत के कुल वैश्विक व्यापार का 15.42% है।

  • भारत से GCC को  निर्यात 56.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा, जबकि आयात 121.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।

• भारत से GCC देशों को होने वाले प्रमुख निर्यातों में अभियांत्रिकी वस्तुएं, चावल, वस्त्र, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण शामिल हैं। वहीं, GCC से आयात होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में मुख्यतः कच्चा तेल, एलएनजी (LNG), पेट्रोकेमिकल्स और सोना जैसी बहुमूल्य धातुएं शामिल हैं।

• पिछले पांच वर्षों में, GCC के साथ भारत के व्यापार का निरंतर विस्तार हुआ है, जिसमें 15.3% की वार्षिक औसत वृद्धि दर दर्ज की गई है।

• भारत के लिए GCC क्षेत्र प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। सितंबर 2025 तक संचयी निवेश 31.14 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है।

• लगभग 10 मिलियन भारतीय नागरिक GCC देशों में रहते हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े प्रवासी भारतीय समुदायों में से एक है। यह समूह प्रेषण प्रवाह और जन संबंधों को मजबूती प्रदान करता है।

प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का महत्व 

• ऊर्जा संक्रमण और रणनीतिक स्थिरता: यह समझौता दीर्घकालिक हाइड्रोकार्बन आपूर्ति को सुरक्षित करता है। साथ ही, यह ग्रिड इंटरकनेक्शन और पेट्रोकेमिकल्स में सहयोग का विस्तार कर भारत के ‘ऊर्जा संक्रमण चरण’ के दौरान उसकी ऊर्जा सुरक्षा को आधार प्रदान करता है।

• निर्यात विस्तार और MSME एकीकरण: शुल्क युक्तिकरण और मानकों के सरलीकरण से भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान, खाद्य उत्पाद, वस्त्र और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में बाजार पहुंच बढ़ेगी, जिससे निर्यात विविधीकरण में सहायता मिलेगी।

• निवेश प्रवाह और अवसंरचना वित्तपोषण: यह GCC के सॉवरेन वेल्थ फंड और संस्थागत निवेशकों के साथ संबधों को मजबूत करता है, जिससे बुनियादी ढांचे, रसद, विनिर्माण समूहों और उभरते क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह उत्प्रेरित होगा।

• आपूर्ति श्रृंखला और रसद संपर्क: यह भारत को एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने वाले पश्चिम एशिया-केंद्रित व्यापार गलियारों (जैसे IMEC) में एकीकृत करता है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला का लचीलापन बढ़ेगा और व्यापारिक लेनदेन लागत में कमी आएगी।

• रणनीतिक और भू-आर्थिक अभिसरण: यह GCC के आर्थिक विविधीकरण एजेंडे (जैसे सऊदी विजन 2030) और भारत के ‘विकसित भारत’ लक्ष्यों से संरेखित है। इससे आने वाले दशक में द्विपक्षीय व्यापार के 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक होने की संभावना है।

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बारे में

• 1981 में स्थापित, GCC एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी राजनीतिक और आर्थिक संघ है, जिसमें छह सदस्य देश सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं।

• इसका गठन क्षेत्रीय अस्थिरता, विशेष रूप से 1979 की ईरानी क्रांति और ईरान-इराक युद्ध (1980-1988) के परिप्रेक्ष्य में किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को प्रगाढ़ करना है।

• GCC का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है और इसकी कुल जनसंख्या लगभग 61.5 मिलियन है।

• GCC का सर्वोच्च प्राधिकरण ‘सर्वोच्च परिषद’ है, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं। इसकी अध्यक्षता वर्णानुक्रम के अनुसार बारी-बारी सभी सदस्य देश करते हैं। इसके अध्यक्ष प्रतिवर्ष बदलते हैं।

• इसका सचिवालय रियाद, सऊदी अरब में स्थित है।

Sources:
DD News
PIB
GCC
MEA
PRS India

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