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सामान्य अध्ययन 3: आपदा और आपदा प्रबंधन।
संदर्भ: बाढ़, चक्रवात और लू (हीटवेव) जैसी बार-बार आने वाली तथा विविध चरम मौसमी घटनाओं के प्रति भारत की उच्च सुभेद्यता को देखते हुए, एक एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित की गई है। दरअसल, आपदा तैयारी में सुधार करने और जान-माल की हानि को कम करने के लिए ‘बहु-खतरा पूर्व चेतावनी निर्णय समर्थन प्रणाली’ (MHEW-DSS) जैसे तंत्र का निर्माण किया गया है।
बहु-खतरा पूर्व चेतावनी निर्णय समर्थन प्रणाली (MHEW-DSS) के बारे में
- यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान प्रक्रियाओं के साथ-साथ जनता, सरकारी व गैर-सरकारी एजेंसियों और विशिष्ट हितधारकों के लिए पूर्वानुमान एवं चेतावनी सेवाओं से संबंधित निर्णय लेने की प्रक्रिया को स्वचालित बनाता है।
- इसे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा ओपन-सोर्स तकनीक और आंतरिक विशेषज्ञता का उपयोग करके विकसित किया गया है।
- जनवरी 2024 में ‘मिशन मौसम’ के अंतर्गत लॉन्च किया गया यह प्लेटफॉर्म, उपग्रह (Satellite), रडार और अन्य अवलोकन संबंधी डेटा को उन्नत पूर्वानुमान उपकरणों के साथ संयोजित करता है। यह मौसम डेटा के कुशल संग्रह, विश्लेषण और प्रसार के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) मानचित्रों का उपयोग करता है।
- यह पूरे भारत में रियल टाइम पर आधारित, प्रभाव-आधारित बहु-खतरा पूर्वानुमान प्रदान करता है। यह जटिल मौसम संबंधी डेटा को कार्रवाई योग्य चेतावनियों में परिवर्तित कर निर्णयकर्ताओं और समुदायों को सशक्त बनाता है।
- इसमें ‘मौसमग्राम’ नामक एक सार्वजनिक प्लेटफॉर्म भी सम्मिलित है, जो स्थान का नाम या पिनकोड दर्ज करने पर अति-स्थानीय मौसम पूर्वानुमान प्रदान करता है।
- यह भारत सरकार के “वेदर रेडी एंड क्लाइमेट स्मार्ट नेशन” (मौसम के प्रति तैयार और जलवायु के प्रति जागरूक राष्ट्र) के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है और “हर हर मौसम, हर घर मौसम” के दर्शन को साकार करता है।

MHEW-DSS की मुख्य विशेषताएँ
- स्वचालित मौसम डेटा प्रसंस्करण: मौसम संबंधी डेटा संग्रह, गुणवत्ता की जाँच और एकीकरण की 90% से अधिक प्रक्रियाएँ अब स्वचालित हैं।
- पूर्वानुमान मॉडलों का बेहतर उपयोग: सांख्यिकीय मौसम भविष्यवाणी मॉडल के 95% से अधिक इनपुट का उपयोग अब पूर्वानुमान में किया जा रहा है।
- पूर्वानुमान की लंबी अवधि: पूर्वानुमान की समय-सीमा 5 दिनों से बढ़कर 7 दिन हो गई है।
- त्वरित पूर्वानुमान तैयारी: पूर्वानुमान तैयार करने में लगने वाला समय 6 घंटे से घटकर लगभग 3 घंटे रह गया है।
- लागत बचत और आत्मनिर्भरता: इस प्रणाली ने लगभग ₹250 करोड़ की लागत की बचत की है और विदेशी विक्रेताओं पर निर्भरता को समाप्त कर दिया है।
- निकासी लागत में कमी: बेहतर पूर्व चेतावनियों के कारण, 1999 से 2024 के बीच निकासी लागत घटकर एक-तिहाई रह गई है। ऐसा IMD द्वारा 3-5 दिन पहले जारी किए गए चक्रवात के तट से टकराने का स्थान के सटीक पूर्वानुमान के कारण संभव हुआ है।
MHEW-DSS की परिसंचालन संरचना
- मौसम विश्लेषण एवं पूर्वानुमान सक्षम प्रणाली (WAFES): यह प्रणाली पूर्वानुमानकर्ताओं को डेटा का विश्लेषण करने, चार्ट तैयार करने और जीआईएस (GIS) आधारित मानचित्रों के माध्यम से मौसम की स्थितियों का दृश्य अवलोकन करने में सहायता करती है।
- जीआईएस-सक्षम प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए, यह विभिन्न आपदाओं के लिए रंग-कोडित अलर्ट (Color-coded alerts) को एकीकृत करता है।
- समय पर कार्रवाई और आपदा तत्परता सुनिश्चित करने के लिए यह इन चेतावनियों को एसएमएस, ईमेल, एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API), मोबाइल ऐप (मौसम), सामान्य चेतावनी प्रोटोकॉल (CAP) और ग्राफिकल बुलेटिन जैसे डिजिटल माध्यमों से प्रसारित करता है।

MHEW-DSS की विशेषताएँ
- अंतःसंचालनीय: विभिन्न मॉड्यूल एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलकर कार्य करते हैं, जिससे सामान्य मानकों का उपयोग करते हुए मंत्रालयों, विभागों और क्षेत्रों के बीच डेटा को आसानी से साझा किया जा सकता है।
- विस्तारणीय: यह प्रणाली समय के साथ आसानी से विस्तृत हो सकती है—बिना किसी बड़े बदलाव के इसमें नए डेटा, तकनीक, क्षेत्र और आपदाओं के प्रकार जोड़े जा सकते हैं।
- अनुकरणीय: इसे मानक पद्धतियों का उपयोग करके बनाया गया है, जिससे अन्य क्षेत्रों और यहाँ तक कि अन्य देशों द्वारा भी इसका उपयोग करना आसान हो जाता है।
- कुशल: वास्तविक समय के पूर्वानुमान और प्रभाव-आधारित चेतावनियों ने तैयारी के समय को 50% तक कम कर दिया है और सटीकता में 30% का सुधार किया है।
- उत्तरदायी: यह प्रणाली उपयोगकर्ता के अनुकूल और गतिशील है, जो एसएमएस, एपीआई (APIs), मोबाइल ऐप और वेबसाइटों जैसे कई माध्यमों से जानकारी साझा करती है।
- पारदर्शी: स्पष्ट डेटा प्रक्रियाएँ और ओपन सिस्टम इसे ट्रैक करना, सत्यापित करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना आसान बनाते हैं।
- सतत: इस प्रणाली दीर्घकालिक योजना, नियमित प्रशिक्षण, सिस्टम अपग्रेड (प्रणाली उन्नयन) और निरंतर ज्ञान साझाकरण की सुविधा है।
MHEW-DSS का महत्व
- चक्रवात और समुद्री सुरक्षा: यह चक्रवातों और गंभीर मौसम के लिए पूर्व चेतावनी प्रदान करता है। जब हवा की गति 45 किमी प्रति घंटे से अधिक हो जाती है, तो मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किए जाते हैं। समय पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए एसएमएस, ऐप और प्रसारण के माध्यम से अपडेट साझा किए जाते हैं।
- मानव स्वास्थ्य:
- मौसम डेटा लू (हीटवेव) के पूर्वानुमान, संवेदनशील समूहों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारी और डेंगू तथा मलेरिया जैसी वेक्टर-जनित बीमारियों की भविष्यवाणी में सहायता करता है।
- यह सामुदायिक लचीलेपन और निवारक स्वास्थ्य उपायों को सुदृढ़ करने के लिए वायु गुणवत्ता और तापमान संबंधी एडवाइजरी भी प्रदान करता है।
- ऊर्जा क्षेत्र: नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन के लिए मौसम का पूर्वानुमान प्रदान करता है, पूर्व चेतावनियों के साथ बुनियादी ढांचे की रक्षा करता है, और स्वचालन के माध्यम से लागत कम करके प्रतिवर्ष 2,10,240 kWh बिजली की बचत करता है।
- जल संसाधन प्रबंधन:
- यह मौसम पूर्वानुमान, बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई दक्षता को इष्टतम बनाता है।
- डिजिटल वर्कफ्लो के कारण कागजी चार्ट के उत्पादन की आवश्यकता समाप्त हो गई है, जिससे प्रतिवर्ष 63 किलोलीटर पानी की बचत होती है।
- आजीविका सुरक्षा: प्रमुख क्षेत्रों में संपत्तियों की रक्षा करने, सुरक्षित योजना बनाने और आजीविका सुरक्षित करने के लिए समय पर मौसम डेटा प्रदान करता है।
- शासन को सुदृढ़ बनाना:
- डिजिटल परिवर्तन ने 40 कार्यालयों में पूर्वानुमान कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित किया है, जिससे सटीकता और अंतर-एजेंसी समन्वय में सुधार हुआ है।
- यह बदलाव प्रतिवर्ष ₹57.6 करोड़ की बचत करता है और नीति आयोग तथा NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) सहित 200 से अधिक संगठनों को महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।
SOURCE
PIB
