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सामान्य अध्ययन-2:  भारत से संबंधित और/ अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा करार।

सामान्य अध्ययन -3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास और रोजगार से संबंधित विषय।

संदर्भ: भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (Ind-Aus ECTA) पर हस्ताक्षर (2 अप्रैल 2022) हुए अब चार वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के मध्य विकसित होती आर्थिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

अन्य संबंधित जानकारी

  • पिछले चार वर्षों के दौरान, इस समझौते ने बाज़ार तक बेहतर पहुँच और व्यापारिक बाधाओं में कटौती के माध्यम से द्विपक्षीय आर्थिक सहभागिता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।
  • ऑस्ट्रेलिया को होने वाले भारत के निर्यात में दो गुनी से अधिक वृद्धि हुई है, जबकि कुल द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 24.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है, जो आर्थिक संबंधों में निरंतर सुधार को दर्शाता है।
  • यह समझौता द्विपक्षीय जुड़ाव के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है, जिससे व्यापार प्रवाह कोबढ़ा है, औद्योगिक संबंध सुदृढ़ हुए हैं और दोनों देशों में व्यवसायों, उद्यमियों तथा रोज़गार के लिए नए अवसरों का सृजन हुआ है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA के बारे में

  • भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ECTA) पर 2 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षर किए गए थे और यह 29 दिसंबर 2022 से प्रभावी हुआ। यह दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और सुगम बनाने के लिए एक संस्थागत तंत्र प्रदान करता है।
  • यह समझौता लगभग सभी टैरिफ लाइनों को कवर करता है, जिससे व्यापक व्यापार उदारीकरण सुनिश्चित होता है।
  • टैरिफ उदारीकरण:
    • ऑस्ट्रेलिया: इसने भारत को 100% टैरिफ लाइनों तक पहुँच प्रदान की; इनमें से 98.3% लाइनों पर तत्काल शुल्क मुक्त पहुँच दी गई, जबकि शेष को पाँच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाना था।
    • 1 जनवरी 2026 से, सभी भारतीय निर्यात को ऑस्ट्रेलिया में शून्य-शुल्क पहुँच प्राप्त है।
    • भारत: भारत ने 70.3% टैरिफ लाइनों पर तरजीही पहुँच प्रदान की है, जो व्यापार मूल्य के 90.6% हिस्से को कवर करती है।
  • क्षेत्रीय कवरेज:
    • भारत के निर्यात लाभ: रत्न एवं आभूषण, वस्त्र (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, इंजीनियरिंग वस्तुएँ और ऑटोमोबाइल।
    • ऑस्ट्रेलिया के निर्यात लाभ: मुख्य रूप से कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों जैसे कोयला, खनिज अयस्क, रसायन और उर्वरक पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • सेवाओं में व्यापार:
    • ऑस्ट्रेलिया: 135 उप-क्षेत्रों तक पहुँच प्रदान करता है, जिसमें 120 उप-क्षेत्रों में सर्वाधिक पसंदीदा राष्ट्र (MFN) का दर्जा शामिल है।
    • भारत: ऑस्ट्रेलियाई सेवाओं के लिए 103 उप-क्षेत्रों में पहुँच प्रदान करता है।
  • रणनीतिक महत्व: ऑस्ट्रेलिया चतुर्पक्षीय सुरक्षा संवाद (QUAD) और समृद्धि के लिए हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचा (IPEF) जैसे मंचों के माध्यम से भारत का एक प्रमुख रणनीतिक भागीदार है। यह व्यापक हिंद-प्रशांत आर्थिक और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को बढ़ावा देता है।

 भारतऑस्ट्रेलिया ECTA के प्रभाव

  • द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि:
    • ऑस्ट्रेलिया को होने वाला भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2020-21 के 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 8.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है।
    • वर्ष 2024-25 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 24.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया।
    • वित्त वर्ष 2025-26 में (फरवरी तक), कुल व्यापार 19.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
    • वर्ष 2024-25 में भारत के निर्यात में 8% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • क्षेत्रीय विस्तार एवं विविधीकरण:
    • निर्यात वृद्धि का आधार अब व्यापक हो गया है, जिसमें वस्त्र (टेक्सटाइल), फार्मास्यूटिकल्स, रसायन और कृषि उत्पाद सम्मिलित हैं।
    • बाज़ार तक बढ़ती पहुँच ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), रोज़गार सृजन और औद्योगिक संबंधों (लिंकेज) को समर्थन दिया है।
  • आपूर्ति श्रृंखला का लचीलापन:
    • आधार धातुओं, कच्चे कपास, उर्वरकों, रसायनों और दलहन जैसे आवश्यक कच्चे माल के आयात ने विनिर्माण और घरेलू मूल्य संवर्धन को सुदृढ़ किया है।
    • व्यापार की इस पूरक संरचना ने आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन में वृद्धि की है।
  • संस्थागत एवं नियामक सहयोग:
    • जैविक उत्पादों पर पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (MRA, 2025) ने प्रमाणीकरण प्रणालियों को मान्यता देकर निर्बाध व्यापार को सक्षम बनाया है। इससे व्यापारिक लागत में कमी आई है तथा पारदर्शिता और विश्वास बढ़ा है।

भारतऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA)

  • वर्तमान में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) के लिए वार्ता चल रही है। इसका 11वाँ दौर 18-23 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसमें वस्तुओं, सेवाओं, डिजिटल व्यापार, उत्पत्ति के नियम, पर्यावरण और श्रम जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
  • भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों पक्षों के बीच अंतर-सत्रीय बैठकों के माध्यम से संवाद निरंतर जारी है।
  • CECA का निर्माण भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA के आधार पर किया गया है, जिसने व्यापार के प्रारंभिक उदारीकरण का मार्ग प्रशस्त किया था।
  • ये वार्ताएँ एक चरणबद्ध प्रक्षेपवक्र का अनुसरण करती हैं; इसकी शुरुआत सर्वप्रथम 2011 में हुई थी, जिसे 2016 में रोक दिया गया था और पुनः 2021 में नए उत्साह के साथ शुरू किया गया।
  • CECA का उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक गहन बनाना है। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक पहुँचाना है।

Sources
PIB
News On Air
The Hindu

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