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सामान्य अध्ययन-2: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
संदर्भ: हाल ही में, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ इजराइल की राजकीय यात्रा की।
अन्य संबंधित जानकारी

- यह यात्रा 2017 (प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा) और 2018 (प्रधानमंत्री नेतन्याहू की भारत यात्रा) के ऐतिहासिक आदान-प्रदान पर आधारित थी, जिसने द्विपक्षीय संबंधों में एक निर्णायक मोड़ अंकित किया।
- दोनों नेताओं ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, जल, साइबर सुरक्षा., स्वास्थ्य, व्यापार, शिक्षा और जन-साधारण के बीच सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।
- ‘सामरिक साझेदारी’ को औपचारिक रूप से उन्नत कर “शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष सामरिक साझेदारी” कर दिया गया।
- यह यात्रा भारत-इजराइल संबंधों को नवाचार-संचालित, भविष्य-केंद्रित और संस्थागत रूप से सुदृढ़ बनाती है, जो भारत के ‘आत्मनिर्भर’ और ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
यात्रा की मुख्य विशेषताएं
- सामरिक साझेदारी का उन्नयन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने द्विपक्षीय संबंधों को “शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष सामरिक साझेदारी” के स्तर तक बढ़ाया, तथा उन्नत प्रौद्योगिकियों, रक्षा और सरकारी व व्यापारिक ढांचे के बीच गहरे सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
- रक्षा और सुरक्षा:नवंबर 2025 के रक्षा सहयोग समझौता ज्ञापन (MoU) के कार्यान्वयन का स्वागत किया गया।
- रक्षा सहयोग के दायरे और विस्तार के लिए एक भविष्योन्मुखी रोडमैप पर सहमति बनी।
- आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई, जिसमें इजराइल (7 अक्टूबर 2023) और भारत (2025 की घटनाएं) पर हुए हमले शामिल हैं।
- क्षेत्रीय शांति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की “गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना” पर चर्चा की गई।
- प्रौद्योगिकी, AI, अनुसंधान और अंतरिक्ष सहयोग: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के नेतृत्व में एक नई ‘क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज‘ (CET) पहल शुरू की गई, जो AI, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी और रक्षा प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित है।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (शिक्षा में AI सहित) पर MoU पर हस्ताक्षर, भारत-इजराइल औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास और नवाचार कोष (I4F) के समर्थन में वृद्धि, और संयुक्त अनुसंधान के वित्तपोषण को बढ़ाकर प्रति कॉल 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर करके AI और अनुसंधान सहयोग को मजबूत किया गया।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर संयुक्त आयोग को मंत्री स्तर तक उन्नत किया गया और ‘टेक गेटवे‘ व ‘होराइजन स्कैनिंग‘ तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी।
- इजराइल अंतरिक्ष एजेंसी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बीच अंतरिक्ष सहयोग का विस्तार किया गया।
- साइबर सुरक्षा: एक बहु-वर्षीय साइबर सुरक्षा रोडमैप पर सहमति बनी, प्रथम ‘भारत-इजराइल साइबर नीति वार्ता’ (मार्च 2025) का स्वागत किया गया, और भारत में ‘भारत-इजराइल साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने के लिए एक आशय पत्र (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए गए।
- व्यापार, निवेश, वित्तीय सहयोग और कनेक्टिविटी: द्विपक्षीय निवेश समझौते और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताओं में प्रगति का स्वागत किया गया तथा आर्थिक जुड़ाव गहरा करने के लिए ‘भारत-इजराइल वित्तीय वार्ता’ शुरू की गई।
- NPCI इंटरनेशनल और MASAV के बीच एक समझौते के माध्यम से UPI को इजराइल की भुगतान प्रणाली से जोड़ने और संयुक्त साइबर सिमुलेशन के माध्यम से वित्तीय लचीलापन मजबूत करने पर सहमति बनी।
- कृषि, जल और पर्यावरण: विलवणीकरण, अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग, नदी सफाई (गंगा सहित) और जल उपयोगिता सुधारों में सहयोग का विस्तार।
- भारत भर में 35 संचालित और 8 आगामी कृषि उत्कृष्टता केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की गई।
- 10 लाख से अधिक भारतीय किसानों को प्रशिक्षित किया गया।
- ‘भारत-इजराइल कृषि नवाचार केंद्र’ (IINCA) की स्थापना हेतु समझौता।
- शिक्षा और शैक्षणिक सहयोग: नालंदा विश्वविद्यालय और यरूशलेम के हिब्रू विश्वविद्यालय के बीच समझौतों के माध्यम से शैक्षिक संबंधों को मजबूत किया गया।
- वार्षिक ‘भारत-इजराइल शैक्षणिक सहयोग मंच‘ (I2I फोरम) स्थापित करने पर सहमति बनी।
- श्रम और गतिशीलता: इजराइल में भारतीय श्रमिकों के योगदान को स्वीकार करते हुए, नेताओं ने पांच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय श्रमिकों के आगमन की सुविधा प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।
- संसदीय और सांस्कृतिक सहयोग: ‘भारत-इजराइल संसदीय मैत्री समूह’ की स्थापना का स्वागत किया गया और सिनेमा, खेल व रचनात्मक उद्योगों में सहयोग बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम (2026-2029) अपनाया गया।
- क्षेत्रीय और वैश्विक कनेक्टिविटी: I2U2 और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) जैसे बहुपक्षीय ढांचों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ाने की मंशा व्यक्त की गई।
भारत और इजराइल द्विपक्षीय संबंध
| राजनीतिक संबंध: | भारत ने 17 सितंबर 1950 को इजराइल को मान्यता प्रदान की, जबकि दूतावासों की स्थापना के साथ 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए।द्विपक्षीय संबंध सौहार्दपूर्ण एवं भविष्योन्मुखी हैं, जिन्हें वर्तमान में (2017 से) ‘सामरिक साझेदारी‘ के रूप में परिभाषित किया गया है।संस्थागत संवादों में विदेश सेवा परामर्श, कांसुलर संवाद, साइबर नीति वार्ता और निर्यात नियंत्रण वार्ता शामिल हैं।दोनों देश I2U2 (भारत-इजराइल-यूएई-यूएसए) जैसे बहुपक्षीय समूहों में परस्पर सहयोग करते हैं। |
| आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध: | 1992 में राजनयिक संबंधों की शुरुआत के बाद से आर्थिक संबंधों में तेजी से वृद्धि हुई है।वित्त वर्ष 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 3.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।वस्तुओं के व्यापार में भारत, इजराइल का दूसरा सबसे बड़ा एशियाई व्यापारिक भागीदार है।व्यापार संरचना में हीरे, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।इजराइल में भारतीय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (ODI) कुल लगभग 443 मिलियन अमेरिकी डॉलर है (जिसमें हाइफ़ा बंदरगाह का अधिग्रहण शामिल है)।भारत में इजराइली प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 334.26 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। वर्तमान में जारी वार्ताओं में एक प्रस्तावित भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौता (FTA) शामिल है। |
| रक्षा संबंध: | रक्षा सहयोग में नौसैनिक पोर्ट कॉल, वायु सेना अभ्यास और संस्थागत संवाद शामिल हैं।भारतीय नौसेना के जहाजों ने हाइफ़ा का दौरा किया है, और भारतीय वायु सेना (IAF) ने ‘ब्लू फ्लैग’ युद्धाभ्यास (2021) में भाग लिया।प्रथम रक्षा मंत्री-स्तरीय संवाद 2023 में आयोजित हुआ।रक्षा सहयोग पर 17वीं ‘संयुक्त कार्य समूह’ (JWG) की बैठक नवंबर 2025 में तेल अवीव में आयोजित की गई। |
| विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार: | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग 1993 के द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त समिति द्वारा संचालित है।संयुक्त अनुसंधान पहलों में जलवायु परिवर्तन और कृषि (2023) में एआई (AI) के अनुप्रयोग शामिल हैं।औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहयोग के अंतर्गत ‘भारत-इजराइल औद्योगिक आरएंडडी पहल’ (2005) सम्मिलित है।’भारत-इजराइल औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास और नवाचार कोष’ (I4F) को 2023-27 की अवधि के लिए नवीनीकृत किया गया है। |
| प्रवासी समुदाय: | इजराइल में 42,000 से अधिक भारतीय निवास करते हैं, जिनमें मुख्य रूप से देखभाल करने वाले, श्रमिक, पेशेवर और छात्र शामिल हैं। लगभग 1,000 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में हैं। |
| निकासी अभियान: | ऑपरेशन अजय (अक्टूबर 2023): इसके माध्यम से विशेष उड़ानों द्वारा 1,300 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया।ऑपरेशन सिंधु (जून 2025): इजराइल-ईरान संघर्ष के दौरान जॉर्डन और मिस्र के रास्ते लगभग 818 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया। |
