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सामान्य अध्ययन-3: विज्ञान और प्रौद्योगिकी- विकास और अनुप्रयोग तथा रोजमर्रा के जीवन पर उनके प्रभाव।
संदर्भ: स्वीडन की चाल्मर्स यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के एक शोध दल ने दावा किया कि सूर्य के प्रकाश और पानी का उपयोग करके हाइड्रोजन का उत्पादन किया जा सकता है। यह दावा संभावित रूप से ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन में महंगे और दुर्लभ प्लेटिनम की आवश्यकता को समाप्त करता है।
अन्य संबंधित जानकारी:
- एडवांस्ड मैटेरियल्स में प्रकाशित यह खोज प्लेटिनम सह-उत्प्रेरक को विद्युत प्रवाहकीय प्लास्टिक से बने नैनोकणों से बदल देती है। ये ऐसे पदार्थ हैं जो किफायती, प्रचुर मात्रा में उपलब्ध और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए सुलभ होते है।
- पारंपरिक सौर जल-विभाजन उत्प्रेरक, प्लेटिनम पर निर्भर करते हैं। यह दुर्लभ है, पर्यावरणीय दृष्टि से इसकी खनन लागत अधिक होती है, और भौगोलिक रूप से यह दक्षिण अफ्रीका और रूस जैसे कुछ देशों में ही पाया जाता है।
शोध की कार्यविधि

- प्लेटिनम के स्थान पर प्लास्टिक: यह प्रक्रिया संयुग्मित बहुलक पर निर्भर करती है। संयुग्मित बहुलक ऐसे विद्युत चालक प्लास्टिक हैं, जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करते हैं।
- आणविक स्तर पर पदार्थ को फिर से डिज़ाइन करना: बहुलक श्रृंखला को अधिक जल-स्नेही (हाइड्रोफिलिक) बनाकर और अव्यवस्थित और दूर-दूर करके शोधकर्ताओं ने यह दर्शाया कि कण, पानी और प्रकाश के साथ कैसे अंतः क्रिया करते हैं।
- प्रक्रिया: जब पदार्थ को पानी में डुबोया और उद्दीप्त सूर्य के प्रकाश में रखा जाता है, तो नैनोकण तुरंत हाइड्रोजन गैस के दृश्यमान बुलबुले बनाना शुरू कर देते हैं।
- परिणाम: एक ग्राम बहुलक सामग्री से यह एक घंटे में 30 लीटर हाइड्रोजन का उत्पादन कर सकता है।
सफलता का महत्त्व
- पर्यावरण के अनुकूल: चालक प्लास्टिक को हानिकारक रसायनों के बिना और काफी कम लागत पर बनाया जा सकता है, जिससे संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला में स्वच्छ उत्पादन होता है।
- आर्थिक लाभ: प्लेटिनम का उपयोग न करने से सौर हाइड्रोजन का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो सकता है, विशेषकर उन देशों में जिनकी कीमती धातुओं तक पहुँच नहीं है या वे भू-राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी उपस्थिति को कम करना चाहते हैं।
ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में अन्य हालिया सफलताएँ:
- डायरेक्ट सीवाटर इलेक्ट्रोलिसिस: यूनिवर्सिटी ऑफ बेयरुथ के शोधकर्ताओं ने अतिरिक्त रसायनों या शुद्ध पानी की आवश्यकता के बिना सीधे समुद्री जल से ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करने की एक विधि विकसित की है।
- अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रोलाइज़र: STELAH परियोजना ने क्षारीय विद्युत् अपघटन के लिए नए उत्प्रेरक, इलेक्ट्रोड और अभिविन्यास प्रदान किए हैं जो अधिक कुशल और उपयोगी हैं।
- उन्नत एनायन -एक्सचेंज मैम्ब्रेन वाटर इलेक्ट्रोलिसिस: एनायन-एक्सचेंज मैम्ब्रेन वाटर इलेक्ट्रोलाइज़र (AEMWE) में नई सफलताएँ लंबी अवधि के लिए उच्च धारा घनत्व पर स्थिर संचालन का प्रदर्शन करती हैं, जो गैर-कीमती धातु उत्प्रेरक के साथ औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
