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सामान्य अध्ययन-3: बुनियादी ढाँचा: ऊर्जा।
संदर्भ: पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत 50.06 लाख आवासीय रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि देश में आवासीय रूफटॉप सौर ऊर्जा के तीव्र विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में योजना की प्रभावी प्रगति को दर्शाती है।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के बारे में
- शुरुआत: 13 फरवरी 2024 को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा।
- कुल परिव्यय: ₹75,021 करोड़।

- लक्ष्य: मार्च 2027 तक 1 करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से युक्त करना, जिसके माध्यम से रूफटॉप पर सौर ऊर्जा संयंत्रों से प्रति माह 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराना।
- कवरेज: यह मांग-आधारित योजना है, जिसमें ग्रिड से जुड़े विद्युत कनेक्शन वाले सभी घरेलू उपभोक्ता शामिल हो सकते हैं।
- उद्देश्य: बिजली के बिल में कमी, घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने तथा भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए आवासीय छतों पर सौर ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा देना।
- प्रमुख विशेषताएँ:
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से रूफटॉप पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए अधिकतम 40% केंद्रीय वित्तीय सहायता (सब्सिडी) प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹78,000 है।
- जन समर्थ के माध्यम से 5.75% ब्याज दर पर बिना किसी संपार्श्विक के रियायती ऋण उपलब्ध कराया जाता है। (रेपो दर + 50 आधार अंक)
- आवेदन से लेकर सब्सिडी वितरण तक पूरी प्रक्रिया राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से 100% ऑनलाइन है।
- सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के एकीकरण के माध्यम से संयंत्र स्थापित एवं चालू होने के बाद सामान्यतः 15 दिनों के भीतर सब्सिडी जारी कर दी जाती है।
- 10 किलोवाट तक की रूफटॉप सौर ऊर्जा प्रणालियों के लिए स्वतः स्वीकृति, तकनीकी व्यवहार्यता की अनिवार्यता से छूट तथा स्वतः भार वृद्धि की सुविधा।
- डिजिटल नेट मीटरिंग समझौता, 80 से अधिक विद्युत वितरण कंपनियों के साथ एपीआई एकीकरण, विक्रेता मूल्यांकन व्यवस्था तथा डीसीआर पोर्टल एकीकरण के माध्यम से पारदर्शी एवं सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है।
- 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने आवेदन तथा नेट मीटरिंग शुल्क समाप्त कर दिए हैं।
- प्रमुख घटक:
- विद्युत वितरण कंपनी-आधारित एकत्रीकरण मॉडल: इसके माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना, गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवारों में रूफटॉप पर सौर ऊर्जा को अपनाने की सुविधा प्रदान की जाती है।

- इस मॉडल के अंतर्गत चार राज्यों में 1.6 लाख संयंत्रों की स्थापना पूरी हो चुकी है तथा12 राज्यों में इसके क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई है।
- आदर्श सौर ग्राम: योजना का उद्देश्य प्रत्येक जिले में एक आदर्श सौर ग्राम स्थापित करना है, जिसके लिए कुल ₹800 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- प्रत्येक जिले के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ग्राम को ₹1 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, ताकि विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा दिया जा सके।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का महत्व
- आवासीय रूफटॉप सौर ऊर्जा का तीव्र विस्तार: योजना के अंतर्गत 50.06 लाख रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना का आँकड़ा पार हो चुका है तथा 14.8 गीगावाट क्षमता परिचालन में है। स्थापना की गति 3.2 गुना बढ़ी है और वर्तमान में प्रत्येक छह दिनों में लगभग 1 लाख नए परिवार इससे जुड़ रहे हैं।
- घरेलू बचत एवं आय सृजन: लगभग 19 लाख परिवारों को शून्य बिजली बिल प्राप्त हो रहा है, जबकि वित्त वर्ष 2024–25 में 12 लाख से अधिक परिवारों ने अतिरिक्त बिजली बेचकर ₹421 करोड़ अर्जित किए। इससे प्रति परिवार प्रतिवर्ष लगभग ₹3,500 की अतिरिक्त आय हुई।
- हरित विकास एवं रोजगार को बढ़ावा: योजना ने देशभर में रूफटॉप सौर ऊर्जा का एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है, जिसमें 34,219 पंजीकृत विक्रेता (29,469 सक्रिय विक्रेताओं सहित) हैं। इसके अंतर्गत 2.32 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा लगभग 17 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
- ऊर्जा सुरक्षा एवं स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा: विकेंद्रीकृत रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर, 1.06 लाख सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से युक्त करके तथा अतिरिक्त 30 गीगावाट रूफटॉप सौर ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के माध्यम से यह योजना घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करती है और भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देती है।
- भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को समर्थन: यह योजना वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य में योगदान देती है। साथ ही, पंचामृत प्रतिबद्धताओं तथा पेरिस समझौते के अंतर्गत अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (NDCs) के तहत वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहयोग करती है।
Sources:
Newindianexpress
Pib
Thehindu
Pib
