संदर्भ:

हाल ही में, इसरो प्रमुख ने इस बात पर प्रकाश डाला कि निसार उपग्रह विवर्तनिक (tectonic) हलचलों की सटीक निगरानी करने में सक्षम है।

नासा-इसरो कृत्रिम अपर्चर रडार (निसार) उपग्रह [NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar (NISAR) satellite]

  • यह वर्ष 2014 में हस्ताक्षरित साझेदारी समझौते के तहत नासा-भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का संयुक्त मिशन है।
  • इसे पृथ्वी के बदलते पारिस्थितिकी तंत्र, गतिशील सतहों और बर्फ के द्रव्यमान को मापने के लिए एक निम्न धरा वेधशाला के रूप में प्रक्षेपित किया जाएगा।
  • यह बायोमास, प्राकृतिक खतरों, समुद्र स्तर में वृद्धि और भूजल के बारे में जानकारी प्रदान करेगा तथा अन्य अनुप्रयोगों में सहायता करेगा।
  • यह हर 12 दिन में पृथ्वी की भूमि और बर्फ से ढकी सतहों की वैश्विक निगरानी करेगा, आरोही और अवरोही दोनों दर्रों पर।

निसार का प्रक्षेपण

  • इसे जुलाई में प्रक्षेपित किया जाना है, लेकिन यह इस साल अक्टूबर-नवंबर में ही प्रक्षेपित हो सकता है। इसे भारत के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से निकट-ध्रुवीय कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा।
  • निसार अंतरिक्ष यान को इसरो के जीएसएलवी-II प्रक्षेपण यान के माध्यम से ध्रुवीय सूर्य-समकालिक कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा।

निसार उपग्रह की विशेषताएं

• यह अत्यंत उच्च-वियोजन वाली छवियां बनाने के लिए सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) नामक एक परिष्कृत सूचना-प्रसंस्करण तकनीक का उपयोग करता है।

  • एसएआर एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा रिज़ॉल्यूशन-सीमित रडार सिस्टम से बेहतर वियोजन (resolution) वाली तस्वीरें बनाई जाती हैं। इसके लिए ज़रूरी है कि रडार सीधी रेखा में घूम रहा हो, या तो हवाई जहाज़ पर या फिर निसार के मामले में अंतरिक्ष में परिक्रमा कर रहा हो। 
  • एल-बैंड और एस-बैंड नामक दो माइक्रोवेव बैंडविड्थ क्षेत्रों में रडार डेटा एकत्र करने वाला पहला उपग्रह मिशन है, जो हमारे ग्रह (धरती) की सतह में होनेवाले परिवर्तनों को मापता है, जिसमें एक सेंटीमीटर जितनी छोटी हलचलें भी शामिल हैं।
  • एस-बैंड (24 सेमी तरंगदैर्घ्य): इसका पेलोड इसरो द्वारा बनाया गया है।
  • एल-बैंड (12 सेमी तरंगदैर्घ्य): इसका पेलोड नासा द्वारा बनाया गया है।
  • इसका दायरा बहुत ऊंचा है, क्योंकि इसमें 12 मीटर व्यास वाला बड़ा एंटीना लगा हुआ है।
  • यह टेक्टोनिक हलचलों पर सेंटीमीटर की सटीकता से नज़र रख सकता है। यह ज़मीन में एक निश्चित गहराई तक प्रवेश कर सकता है।

महत्व

  • यह वार्षिक जल चक्र गतिविधियों के संबंध में स्वरूप, उपज, मरुस्थलीकरण और महाद्वीपीय गतिविधियों के माध्यम से जल-तनाव, जलवायु परिवर्तन से संबंधित समस्याओं और कृषि परिवर्तनों का अध्ययन करने में मदद करता है।

Info-

तैनात रडार एंटीना रिफ्लेक्टर

(~12 मीटर व्यास)

जीपीएस एंटीना

तैनात रडार एंटीना बूम (~9 मीटर लंबा)

तैनात सौर सरणी 

फ़ीड आरएफ एपर्चर

(एल- और एस-बैंड)

एस-बैंड एसएआर इलेक्ट्रॉनिक्स

अंतरिक्ष यान बस (13K)

एल-बैंड एसएआर इलेक्ट्रॉनिक्स

रडार उपकरण संरचना

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