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सामान्य अध्ययन-3: किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी।
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संदर्भ: नई दिल्ली में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक द्वारा NICRA की समीक्षा कार्यशाला एवं ACASA-India (दक्षिण एशियाई कृषि में जलवायु अनुकूलन एटलस) के ‘लॉन्च-सह-उपयोग’ मामला कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
अन्य संबंधित जानकारी
• कार्यशाला का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA) द्वारा किया गया जिसमें NICRA के 15 वर्षों के अनुभवों और सीखों का संश्लेषण कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई।
भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन एटलस (ACASA–India) के बारे में
• यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा प्रणाली (NARES) द्वारा BISA–CIMMYT के सहयोग से विकसित एक वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
• यह प्लेटफॉर्म स्थान-विशिष्ट और डेटा-संचालित अनुकूलन नियोजन में सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को विभिन्न कृषि-पारिस्थितिकी क्षेत्रों में लक्षित जलवायु अनुकूलन रणनीतियाँ तैयार करने में सक्षम बनाता है।

• यह दक्षिण एशिया के लिए क्षेत्रीय एटलस पहल का हिस्सा है, जिसे लघु जोत वाले किसानों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों के लिए जलवायु विज्ञान को अनुकूलन कार्यों के साथ एकीकृत करने हेतु तैयार किया गया है।
- दक्षिण एशिया के लिए क्षेत्रीय एटलस पहल एक सहयोगात्मक और डेटा-संचालित कार्यक्रम को संदर्भित करती है, जिसका नेतृत्व बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA) द्वारा किया जाता है। इस पहल के अंतर्गत दक्षिण एशियाई देशों में जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और लचीलेपन का समर्थन करने के लिए साझा, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले डिजिटल एटलस तैयार किए जाते हैं। इसमें शामिल भागीदार राष्ट्र भारत (ICAR), बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका हैं।
प्रमुख विशेषताएँ:
- स्थानिक आकलन: जलवायु जोखिमों का मानचित्रण लगभग 25 वर्ग किमी ग्रिड के स्तर पर किया जाता है, जो मोटे तौर पर 4-5 गांवों को कवर करता है। इससे विस्तृत और स्थानीय स्तर की अंतर्दृष्टि प्राप्त करना संभव हो पाता है।
- हाई-रिजॉल्यूशन डेटा: यह जोखिम पैटर्न, सुभेद्यता और जोखिम-प्रभाव के आकलन के लिए माइक्रोक्लाइमेट डेटासेट, वैज्ञानिक मॉडलिंग और विशेषज्ञ सत्यापन का उपयोग करता है।
- स्थानीयकृत अनुकूलन: यह प्लेटफॉर्म विशिष्ट स्थानों, फसलों और पशुधन के अनुरूप तैयार की गई संदर्भ-आधारित अनुकूलन रणनीतियाँ प्रदान करता है।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना: यह एटलस अनुसंधान, नीति विश्लेषण और अनुकूलित अनुकूलन नियोजन को सक्षम करने के लिए ओपन-सोर्स डेटा, कोड और स्क्रिप्ट की पेशकश करता है।
- उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म: इसे एक गतिशील और संवादात्मक डिजिटल उपकरण के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो रीयल-टाइम शिकायतें दर्ज करने, विज़ुअलाइज़ेशन और निर्णय लेने में सहायता करता है।
एटलस का महत्त्व
• जलवायु-स्मार्ट कृषि को मुख्यधारा में लाना: यह पहल वैज्ञानिक दृष्टिकोण, डेटा-आधारित क्षमता और समावेशी जलवायु कार्यनीति के प्रति भारत के संकल्प की पुष्टि करती है तथा राष्ट्र को वैश्विक स्तर पर जलवायु-अनुकूल कृषि-खाद्य प्रणालियों के मार्गदर्शक के रूप में प्रतिष्ठित करती है।
• जलवायु वित्त को सुगम बनाना: जोखिमों का परिमाणीकरण करके और अनुकूलन मार्गों की पहचान करके (जिसमें बीमा उत्पाद और ऋण तंत्र शामिल हैं) ACASA लक्षित जलवायु वित्त का समर्थन करता है।
• क्षमता निर्माण: मुक्त डेटासेट और विश्लेषणात्मक उपकरणों के माध्यम से, शोधकर्ता और संस्थान जलवायु अनुकूलन विज्ञान में नवाचार हेतु इसका उपयोग कर सकते हैं।
• क्षेत्रीय सहयोग: दक्षिण एशिया व्यापी (बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका और भारत से भागीदारों के साथ) पहल के रूप में यह एटलस जलवायु अनुकूलन पर सीमा-पार ज्ञान साझाकरण को बढ़ावा देता है।
